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रातों-रात गायब हो गई 500 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप! आखिर कौन ले गया देश की बेशकीमती धरोहर?

मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से 500 साल पुरानी और लगभग 3000 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई। पुलिस को एंटीक तस्कर गिरोह पर शक है। जानिए पूरा मामला।

नरवर किला

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां से सदियों पुरानी एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई है। बताया जा रहा है कि यह तोप करीब 500 साल पुरानी थी और इसका संबंध सिंधिया काल से माना जाता है। घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि इतिहास प्रेमियों और पुरातत्व विभाग को भी चिंता में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, रात के समय कुछ बदमाश किले में पहुंचे और वहां रखी कई ऐतिहासिक तोपों में से एक भारी तोप को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि इतनी बड़ी और भारी धरोहर को चोरी करना कोई सामान्य बात नहीं मानी जा रही।

पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे बदमाश

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले लोग पूरी योजना बनाकर आए थे। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में बदमाश रात के अंधेरे में किले के अंदर पहुंचे और अपने साथ भारी सामान उठाने वाले वाहन भी लाए थे। चोरी हुई तोप का वजन लगभग 3000 किलोग्राम बताया जा रहा है, इसलिए उसे ले जाने के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत थी। सूत्रों के मुताबिक बदमाशों ने वहां मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों को डराया-धमकाया और फिर तोप को वाहन में लादकर फरार हो गए। घटना के बाद किले में रखी ऐतिहासिक वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था।

इतिहास की अनमोल धरोहर मानी जाती थी यह तोप

विशेषज्ञों के अनुसार चोरी हुई तोप केवल एक पुरानी वस्तु नहीं थी, बल्कि यह इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। माना जाता है कि यह तोप कई सौ साल पुराने युद्धकालीन दौर की याद दिलाती थी और उस समय की धातु निर्माण तकनीक को भी दर्शाती थी। इस पर बने विशेष चिन्ह और नक्काशी इसे और अधिक खास बनाते थे। पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी धरोहरों का महत्व केवल आर्थिक नहीं होता, बल्कि ये हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान होती हैं। यही कारण है कि इस चोरी को सामान्य चोरी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। घटना के बाद इतिहासकारों और स्थानीय नागरिकों ने भी चिंता जताई है।

तस्कर गिरोह पर शक, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को शक है कि इस घटना के पीछे ऐतिहासिक और एंटीक वस्तुओं की तस्करी करने वाला कोई बड़ा गिरोह हो सकता है। वहीं पुरातत्व विभाग ने भी मामले को गंभीर बताया है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि चोरी हुई तोप को जल्द से जल्द बरामद करने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी ऐतिहासिक धरोहर को इतनी आसानी से कैसे चुरा लिया गया।

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