Nana Patekar Last Rites: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक का माहौल है। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। इस बीच अभिनेता का एक पुराना बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को लेकर ऐसी बात कही थी, जिसे जानकर लोग भावुक हो सकते हैं।
नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसक गहरे दुख में डूब गए। गोवा में उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंचे और नम आंखों से अपने पसंदीदा कलाकार को विदाई दी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर पुणे स्थित फार्महाउस लाया गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। अभिनेता को आखिरी बार देखने के लिए वहां भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। उनके जाने से परिवार के साथ-साथ उन लोगों को भी गहरा सदमा लगा, जिन्होंने वर्षों तक उनकी फिल्मों और अभिनय को पसंद किया।
पिता को अंतिम विदाई देते समय भावुक दिखे बेटे मल्हार
नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के दौरान उनके बेटे मल्हार पाटेकर काफी भावुक नजर आए। पिता के पार्थिव शरीर के पास खड़े मल्हार ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सिर भी मुंडवाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। पुणे स्थित फार्महाउस पर अंतिम संस्कार के लिए विशेष व्यवस्था की गई और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। अभिनेता के प्रशंसक अपने चहेते कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए लगातार पहुंचते रहे।
अंतिम संस्कार के लिए पहले से जुटाई थीं सूखी लकड़ियां
नाना पाटेकर का एक पुराना इंटरव्यू इन दिनों चर्चा में है। सितंबर 2023 में फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रचार के दौरान उन्होंने अपनी मौत और अंतिम संस्कार को लेकर खुलकर बात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए 12 मन सूखी लकड़ियां जमा कर रखी थीं। इसके पीछे उनकी एक खास सोच थी। वह नहीं चाहते थे कि लकड़ियों से उठने वाले धुएं को देखकर लोग यह मानें कि उनके जाने पर हर कोई रो रहा है। उनके इस बयान में उनका अलग अंदाज और जिंदगी को देखने का नजरिया साफ झलकता था।
जिंदगी और मौत को लेकर अलग सोच रखते थे अभिनेता
नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। वह कई बार जिंदगी और मौत जैसे विषयों पर खुलकर अपनी राय रख चुके थे। उनका मानना था कि इंसान को एक दिन इस दुनिया से विदा होना ही है। यही वजह थी कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को लेकर भी पहले से विचार कर रखा था। ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाने वाले अभिनेता के निधन से उनके चाहने वाले दुखी हैं। उनके पुराने बयान ने एक बार फिर लोगों को उनकी जिंदगी के प्रति सोच की याद दिला दी।
