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Ramayana Review: पर्दे पर कैसी दिखी राम और रावण की कहानी? रणबीर-साई और यश में कौन पड़ा भारी

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की फिल्म रामायण 5 नवंबर 2026 को रिलीज हुई। जानिए फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट की एक्टिंग और निर्देशन में क्या है खास और कहां रह गई कमी।

Ramayana

Ramayana Review: नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी। करीब 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली बताई जा रही यह फिल्म 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। कहानी की शुरुआत देवताओं और असुरों के बीच संघर्ष से होती है। इसके बाद रावण के जीवन, उसकी तपस्या और शक्ति प्राप्त करने की घटनाओं को दिखाया जाता है। फिल्म में जटायु की आवाज अनुपम खेर ने दी है। कहानी को पौराणिक घटनाओं के जरिए आगे बढ़ाया गया है, जिसमें राम जन्म से लेकर अयोध्या की घटनाओं तक का चित्रण देखने को मिलता है।

यश की एंट्री ने जीता दिल, साई पल्लवी भी छा गईं

फिल्म में अभिनय की बात करें तो यश रावण के किरदार में काफी प्रभावशाली नजर आते हैं। उनकी एंट्री और पर्दे पर मौजूदगी फिल्म के आकर्षण को बढ़ाती है। वहीं साई पल्लवी ने माता सीता के रूप में अपने अभिनय से प्रभावित किया है। उनके चेहरे के भाव और किरदार के प्रति सहजता देखने लायक है। दूसरी तरफ रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आते हैं, लेकिन उनके अभिनय को लेकर कुछ सवाल भी सामने आते हैं। कई दृश्यों में उनके चेहरे पर एक जैसे भाव दिखाई देते हैं। रवि दुबे भी लक्ष्मण के किरदार में हैं, हालांकि उनके अभिनय में वह जोश और प्रभाव पूरी तरह नजर नहीं आता, जिसकी इस भूमिका से उम्मीद की जाती है।

रणबीर कपूर की एक्टिंग में कहां रह गई कमी?

भगवान राम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी चुनौती है। इसमें सौम्यता, धैर्य, गंभीरता और आत्मविश्वास का संतुलन दिखाना जरूरी होता है। रणबीर कपूर ने इस भूमिका को अपने अंदाज में निभाने की कोशिश की है, लेकिन कुछ दृश्यों में उनके हाव-भाव प्रभावशाली नहीं लगते। खासकर संवाद बोलते समय वह किरदार की गंभीरता से पूरी तरह जुड़ते नजर नहीं आते। दूसरी ओर यश अपने दमदार व्यक्तित्व के कारण कई दृश्यों में अधिक प्रभाव छोड़ते हैं। साई पल्लवी का अभिनय फिल्म के मजबूत पक्षों में गिना जा सकता है। कुल मिलाकर कलाकारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं है और अलग-अलग किरदारों में दर्शकों को अलग अनुभव मिल सकता है।

निर्देशन और कहानी में कितना दम? देखने लायक है फिल्म?

नितेश तिवारी ने रामायण जैसे विशाल महाकाव्य को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की है। फिल्म में भव्यता और पौराणिक माहौल तैयार करने पर खास ध्यान दिया गया है। हालांकि, भगवान राम की सौम्यता दिखाने के प्रयास में कुछ जगह रणबीर का अभिनय थोड़ा कमजोर पड़ता दिखाई देता है। फिल्म की कहानी में कई महत्वपूर्ण घटनाओं को शामिल किया गया है, लेकिन कुछ किरदारों से दर्शकों की उम्मीदें अधिक हो सकती हैं। यश और साई पल्लवी का प्रदर्शन फिल्म को मजबूती देता है, जबकि रणबीर के अभिनय पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। अगर आपको पौराणिक कहानियां और बड़े बजट की फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म आपकी दिलचस्पी बढ़ा सकती है।

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