Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं। दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ दोनों पारियों में मिलाकर 132 रन बनाए। पहली पारी में उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रन की तेज पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। दूसरी पारी में भी उन्होंने 43 गेंदों पर 40 रन बनाकर तेजी से रन बटोरे।
शतक से चूके, लेकिन बना दिया बड़ा रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) भले ही पहली पारी में शतक से महज 8 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी ऐतिहासिक बन गई। 15 साल 157 दिन की उम्र में उन्होंने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था, जिन्होंने 16 साल 23 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
दोनों पारियों में दिखा आक्रामक अंदाज
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की बल्लेबाजी की खास बात उनका बेखौफ अंदाज रहा। पहली पारी में उन्होंने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया और चौकों-छक्कों की बरसात की। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने तेजी से 40 रन बनाए। इस तरह पूरे मुकाबले में उनके बल्ले से कुल 10 छक्के और 9 चौके निकले। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उनकी 132 रन की कुल पारी दो इनिंग्स में बंटी हुई थी, इसलिए इसे एक ही पारी का शतक या 132 रन नहीं माना जाएगा।
कप्तानी में भी दिखाया दम, DRS ने जीता दिल
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को कप्तानी का मौका भी मिला। नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद उन्होंने ईस्ट जोन की कमान संभाली। कप्तान के रूप में उनका एक DRS फैसला भी चर्चा में रहा। सेंट्रल जोन के बल्लेबाज आर्यन जुयाल के खिलाफ अंपायर के नॉट आउट फैसले पर वैभव ने रिव्यू लिया, जो सही साबित हुआ और बल्लेबाज को आउट दिया गया। 15 साल की उम्र में बल्लेबाजी के साथ कप्तानी और मैदान पर फैसले लेने की उनकी क्षमता ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा।
