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कप्तान श्रेयस अय्यर पर फूटा Anil Kumble का गुस्सा? कहा- ‘वर्ल्ड चैंपियन टीम से ऐसी उम्मीद…’

 चौथे टी20 से पहले अनिल कुंबले ने भारतीय टीम की रणनीति और कप्तानी पर सवाल उठाए। जानिए श्रेयस अय्यर की टीम के सामने क्या चुनौतियां हैं और सीरीज बचाने के लिए भारत को क्या करना होगा।

IND vs ENG

IND vs ENG 4th T20: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। भारतीय टीम शुरुआती मुकाबलों में जीत हासिल नहीं कर सकी, जिसके कारण उसके सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। चौथे मुकाबले से पहले टीम के प्रदर्शन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। खासकर पिछले मैच में भारतीय बल्लेबाजी के जल्दी बिखर जाने के बाद टीम की रणनीति और कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दबाव की स्थिति में टीम ने संयम नहीं दिखाया और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का खामियाजा भुगतना पड़ा। अब चौथा मुकाबला भारतीय टीम के लिए वापसी का आखिरी बड़ा मौका माना जा रहा है।

अनिल कुंबले ने बताई हार की बड़ी वजह

पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज स्पिनर Anil Kumble ने हालिया प्रदर्शन पर अपनी राय रखते हुए कहा कि टीम को मुश्किल हालात में अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए थी। उनके अनुसार, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय सिर्फ आक्रामक शॉट खेलने की बजाय कुछ बल्लेबाजों को पारी संभालने की भूमिका भी निभानी चाहिए थी। उन्होंने संकेत दिया कि दबाव के समय धैर्य की कमी भारतीय टीम पर भारी पड़ी। कुंबले का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल आक्रमण से मैच नहीं जीते जाते, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलना भी उतना ही जरूरी होता है। यही कारण है कि उन्होंने खिलाड़ियों को संयम और समझदारी के साथ खेलने की सलाह दी है।

टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम पर भी उठे सवाल

चौथे टी20 से पहले टीम चयन को लेकर भी बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बल्लेबाजी क्रम में किए गए कुछ प्रयोग टीम के पक्ष में नहीं गए। कुंबले ने भी इस बात पर चिंता जताई कि अनुभवी बल्लेबाजों को ऊपर भेजने के बजाय अलग रणनीति अपनाई गई, जिसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। उनका मानना है कि जब टीम मुश्किल स्थिति में हो तो अनुभवी खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देकर स्थिति संभालने का मौका देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने लगातार टीम में बदलाव करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी खिलाड़ी को एक-दो मैच के आधार पर आंकना सही नहीं है और खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

चौथे टी20 में जीत ही बचा सकती है सम्मान

अब सभी की नजरें चौथे मुकाबले पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम के लिए यह मैच सिर्फ एक जीत का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान की लड़ाई भी बन चुका है। यदि टीम यह मुकाबला जीतती है तो सीरीज बराबरी पर खत्म करने की उम्मीद बनी रहेगी। दूसरी ओर हार की स्थिति में इंग्लैंड का दबदबा और मजबूत हो जाएगा। कप्तान Shreyas Iyer और टीम प्रबंधन पर भी इस मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा। क्रिकेट प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय खिलाड़ी पिछले मैच की गलतियों से सीख लेकर मैदान पर उतरेंगे और दमदार वापसी करेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया आलोचनाओं का जवाब जीत से देती है या इंग्लैंड एक बार फिर बाजी मार लेता है।

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