सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा आखिरकार एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। इस घटनाक्रम पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि छह साल के लंबे इंतजार के बाद एक बेबस पिता को अपनी बेटी की मौत के मामले में न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। राम कदम ने सवाल उठाया कि जब दिशा के पिता शुरू से ही यह कह रहे थे कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसे प्रताड़ित किया गया था, तब महाविकास आघाड़ी सरकार ने उनकी बात क्यों अनसुनी कर दी।
पुलिस जांच पर रोक और लीपापोती के गंभीर सवाल
बीजेपी नेता ने उद्धव सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उस वक्त पुलिस को निष्पक्ष जांच करने से क्यों रोका गया और मामले को दबाने की कोशिश क्यों हुई। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन सरकार या उससे जुड़े लोग इस मामले में संलिप्त नहीं थे, तो उन्हें सीबीआई जांच से डर क्यों लग रहा था। पिता की बार-बार की गुहार के बावजूद मामले की फाइलें बंद करने या लीपापोती करने के पीछे कौन लोग थे, इसका खुलासा होना देश की जनता का अधिकार है। राम कदम के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कई बड़े राजनेताओं, अभिनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनकी संलिप्तता की गहन जांच जरूरी है।
कानून की नजर में सब बराबर, दूध का दूध पानी का पानी होगा
कानून की समानता पर जोर देते हुए राम कदम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में कानून सबके लिए एक समान है और यह नहीं देखता कि आरोपी किस ऊंचे पद पर बैठा है या उसका सियासी रसूख कितना बड़ा है। सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अब इस हाई-प्रॉफ़ाइल मामले के कई अनछुए पहलू देश के सामने बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तत्कालीन सरकार ने इस मामले में आंखें मूंद ली थीं, उससे साफ जाहिर होता है कि किसी प्रभावशाली चेहरे को बचाने के लिए पूरी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया था। अब कानूनी प्रक्रिया शुरू होने से सच की परतें एक-एक करके बाहर आएंगी।
जून 2020 के उस काले अध्याय की फिर से खुलेगी फाइलें
बता दें कि मुंबई में जून 2020 के दौरान दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके कुछ ही दिनों बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का भी निधन हो गया था। दोनों मामलों की टाइमिंग और कड़ियों को लेकर पिछले छह सालों से कई तरह के सनसनीखेज सवाल हवा में तैर रहे हैं। हाल ही में सीबीआई के सामने दिशा के पिता सतीश सालियान द्वारा अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराने के बाद से ही इस मामले में नए मोड़ की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद देश भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी इस मर्डर मिस्ट्री से कब और कैसे पर्दा उठाती है।
Read more-प्रशांत किशोर की मुस्लिम समुदाय को दो टूक सलाह, बोले- ‘किसी पार्टी का पिछलग्गू बनने से…’
