उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आजम खान की गिरफ्तारी को एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेता नहीं चाहते थे कि आजम खान चुनाव से पहले जेल से बाहर आकर सक्रिय राजनीति में भूमिका निभाएं। प्रमोद कृष्णम के मुताबिक, सपा को आशंका थी कि आजम खान कांग्रेस के करीब आकर पार्टी को इतनी मजबूती दे सकते हैं कि वह अपने दम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में पहुंच जाए। हालांकि, उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना, बोले- समय आने पर खुलेगी पूरी कहानी
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेकर सीधे आरोप लगाने से परहेज किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। उन्होंने कहा कि आजम खान के असली विरोधी कौन हैं, यह समझने के लिए पूरी राजनीतिक घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी होंगी। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य, राहुल गांधी और आजम खान के परिवार के बीच हुई मुलाकातों का भी जिक्र किया। प्रमोद कृष्णम ने सवाल उठाया कि अगर सपा आजम खान की इतनी बड़ी हितैषी थी तो उनकी रिहाई के समय पार्टी का कोई बड़ा नेता लखनऊ से क्यों नहीं पहुंचा? उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस कथित साजिश से जुड़े कई राज सामने आ सकते हैं।
केंद्रीय एजेंसियों को लेकर भी उठाए सवाल, किसके इशारे पर होता है काम?
जब आचार्य प्रमोद कृष्णम से पूछा गया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां तो केंद्र सरकार के अधीन हैं, फिर इसमें अखिलेश यादव की भूमिका कैसे हो सकती है, तो उन्होंने अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि एजेंसियां किसके नियंत्रण में हैं, बल्कि यह भी है कि उनके फैसले किसके प्रभाव में लिए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी का नाम लेकर कोई ठोस आरोप नहीं लगाया। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान और समाजवादी पार्टी के रिश्तों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
यूपी चुनाव को बताया महाभारत, मुख्यमंत्री को लेकर भी दिया बयान
प्रमोद कृष्णम ने आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव को महाभारत जैसा धर्मयुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अपने मताधिकार से तय करेगी कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। उनके मुताबिक, भगवान में आस्था रखने वाला व्यक्ति ही इस राजनीतिक लड़ाई में सफल होगा। आजम खान को उन्होंने राजनीतिक साजिश का शिकार बताते हुए कहा कि समय आने पर पूरी कहानी सामने आएगी। फिलहाल उनके बयानों ने सपा, कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक चर्चाओं को नया मुद्दा दे दिया है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
