बिहार में आयोजित AI समिट के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि पटना शहर में हजारों CCTV कैमरे लगाए गए हैं और अगर AI सिस्टम को यह निर्देश दिया जाए कि “हरा गमछा पहनने वालों को पहचानो”, तो वह तुरंत उन्हें खोज सकता है। मुख्यमंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण बताया, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक नजरिए से देखा। खासकर राष्ट्रीय जनता दल ने इसे जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश बताया। बयान वायरल होने के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुट गया है।
सुधाकर सिंह ने महंगाई और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
RJD सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को जनता की असली परेशानियां नहीं दिख रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अगर AI कैमरे लगाने ही हैं, तो उन घरों में लगाए जाएं जहां महंगाई के कारण चूल्हा नहीं जल पा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि कितने परिवार गैस सिलेंडर के अभाव में खाना नहीं बना पा रहे हैं। सुधाकर सिंह ने आगे कहा कि सरकारी दफ्तरों में भी कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके कि बिना रिश्वत दिए कितने काम हो रहे हैं। उन्होंने अंचल कार्यालयों, पेंशन विभाग और दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जनता रोजमर्रा की समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार का ध्यान केवल राजनीतिक प्रतीकों पर केंद्रित है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस और तेज हो गई।
अस्पताल, स्कूल और रोजगार को लेकर भी उठाए सवाल
RJD सांसद ने सिर्फ AI कैमरे वाले बयान तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर तकनीक का इस्तेमाल करना है तो अस्पतालों में किया जाए, जहां इलाज से पहले सिफारिश और पैसे की मांग होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। सुधाकर सिंह ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, लेकिन सरकारी प्रचार हर जगह पहुंच जाता है। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा डिग्री लेकर नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उनके मुताबिक AI और तकनीक का इस्तेमाल जनता की समस्याएं हल करने के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक पहचान करने के लिए। विपक्ष का दावा है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
बयान पर बढ़ी सियासी गर्मी, अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
सम्राट चौधरी के बयान और उस पर RJD की प्रतिक्रिया के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि भाजपा नेताओं की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई बड़ा जवाब सामने नहीं आया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है, क्योंकि बिहार में तकनीक, निगरानी और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। AI तकनीक को लेकर सरकार जहां इसे आधुनिक प्रशासन की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनता के असली मुद्दों से भटकाने वाला एजेंडा बता रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या भाजपा की ओर से इस पूरे विवाद पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाती है। फिलहाल सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक ‘हरा गमछा’ वाला बयान चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।
