उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 9 और 10 सितंबर को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। उनका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। नितिन नवीन 9 सितंबर को हल्द्वानी पहुंचकर प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसमें संगठन की स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों और आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
संगठन के साथ सामाजिक समीकरणों पर भी नजर
नितिन नवीन के कार्यक्रम में सिर्फ पार्टी संगठन ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सामाजिक वर्गों से संवाद भी शामिल है। 10 सितंबर को वह रुद्रपुर जाएंगे, जहां पूर्व सैनिकों की सभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा सिख समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे। बीजेपी का फोकस चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और प्रमुख सामाजिक समूहों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर है। हल्द्वानी में चल रहे विवाद के बीच नितिन नवीन का वहां जाना भी राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। कांग्रेस इस मामले में कार्रवाई की मांग कर बीजेपी पर लगातार हमला कर रही है, जबकि बीजेपी कांग्रेस पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रही है।
2027 के लिए वोटों का गणित साधने की कोशिश?
उत्तराखंड की राजनीति में दलित और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या महत्वपूर्ण है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 44.3 प्रतिशत और कांग्रेस को 37.9 प्रतिशत वोट मिले थे। दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर करीब 6.4 प्रतिशत रहा था। ऐसे में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को साधना दोनों पार्टियों के लिए अहम होगा। हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को कांग्रेस दलित सम्मान से जोड़कर उठा रही है, जबकि बीजेपी इसे अलग नजरिए से देख रही है। ऐसे माहौल में नितिन नवीन की बैठक और सामाजिक संवाद को पार्टी की चुनावी रणनीति की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
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