PM E-DRIVE: केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। भारी उद्योग मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाला इंसेंटिव अब फंड-लिमिटेड घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब यह सब्सिडी केवल 31 जुलाई 2026 तक वैध रहेगी। जबकि ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए सब्सिडी का समयसीमा 31 मार्च 2028 तक कायम रहेगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है और अगर फंड पहले ही खत्म हो गया तो योजना की डेडलाइन 31 मार्च 2028 से पहले भी समाप्त हो सकती है।
सब्सिडी की पात्रता और कीमत सीमा
नई अधिसूचना के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये तक होनी चाहिए, तभी वाहनधारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए अधिकतम कीमत 2.5 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना में यूनिट लिमिट भी तय की गई है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए कुल 24,79,120 यूनिट तक सब्सिडी दी जाएगी, जबकि ई-रिक्शा के लिए केवल 39,034 यूनिट्स ही शामिल होंगे। एल5 कैटेगरी (थ्री-व्हीलर) के लिए सब्सिडी 26 दिसंबर 2025 से ही बंद कर दी गई है क्योंकि इस सेगमेंट का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो चुका है।
इंसेंटिव की गणना का तरीका
भारी उद्योग मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इंसेंटिव की राशि वाहन के बैटरी कैपेसिटी (kWh) के आधार पर तय की जाएगी। यह राशि या तो फिक्स्ड अमाउंट होगी या वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15%, जो भी कम हो। इसका मतलब यह हुआ कि जितनी अधिक कीमत वाले वाहन होंगे, उतनी कम प्रतिशत में इंसेंटिव मिलेगा। मंत्रालय ने समय-समय पर इंसेंटिव की राशि की समीक्षा करने का भी विकल्प रखा है, ताकि बजट और सब्सिडी की उचित व्यवस्था बनी रहे। इस बदलाव से योजना के फंड का इस्तेमाल नियंत्रित रहेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग इसके लाभ से जुड़ सकेंगे।
योजना का फायदा और सावधानियां
पीएम ई-ड्राइव योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और ई-रिक्शा पर मिलने वाली सब्सिडी से आम लोग महंगे ईंधन पर खर्च कम कर सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। हालांकि, सरकार ने चेताया है कि योजना का लाभ केवल रजिस्टर्ड वाहनधारियों को मिलेगा और योजना की डेडलाइन के बाद सब्सिडी नहीं दी जाएगी। इसलिए जिन लोगों ने अब तक वाहन खरीदा नहीं है, उन्हें 31 जुलाई 2026 से पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
