Harmanpreet Kaur: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक अहम मुकाबले में भारतीय महिला टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने कप्तान Harmanpreet Kaur की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत 20 ओवर में 170 रन बनाए थे। शुरुआत में स्कोर प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा था, लेकिन गेंदबाजी के दौरान भारतीय टीम उसे बचा नहीं सकी। जवाब में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने मजबूत बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य को 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और भारत को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। यह हार भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि मुकाबला करो या मरो का था।
बल्लेबाजी में उम्मीदें और अधूरी जिम्मेदारी
मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार किया कि टीम ने बोर्ड पर ठीक-ठाक स्कोर जरूर खड़ा किया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा कि पारी के बीच में ऐसा लग रहा था कि टीम कुछ रन पीछे रह जाएगी, लेकिन आखिरी ओवरों में बल्लेबाजों ने कोशिश की। हालांकि, जिन खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद थी, वे दबाव में प्रदर्शन नहीं कर सके। भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने शुरुआत तो संभली हुई दी, लेकिन बीच के ओवरों में गति नहीं बढ़ा पाया। यही अंतर अंत में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने सटीक योजनाओं के साथ भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत का बड़ा बयान
मैच के बाद प्रेजेंटेशन में हरमनप्रीत कौर ने खुलकर माना कि टीम ने बड़े मुकाबलों में अपने मानकों के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने कहा कि दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ भारतीय टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उनके अनुसार, कई बार टीम अच्छी स्थिति में होने के बावजूद मैच को फिनिश नहीं कर पाती, जिससे दबाव बढ़ता है। हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि कैच छोड़ने और फील्डिंग में छोटी-छोटी गलतियों ने भी पूरे टूर्नामेंट में टीम को नुकसान पहुंचाया है। उनका बयान साफ दर्शाता है कि टीम हार के कारणों को गंभीरता से स्वीकार कर रही है और आत्ममंथन की स्थिति में है।
Australia are headed into the #T20WorldCup semi-finals 💪 pic.twitter.com/qLv7zujLts
— ICC (@ICC) June 28, 2026
पुरानी गलतियों पर फिर उठे सवाल
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे कहा कि भारतीय टीम लंबे समय से एक जैसी गलतियां दोहरा रही है, जिसे अब सुधारना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि मजबूत टीमों के खिलाफ रणनीति, दबाव में निर्णय लेने की क्षमता और आखिरी ओवरों में रन बचाने या बनाने की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार टीम जीत के करीब पहुंचकर भी मैच गंवा देती है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि टीम अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से काम करे और भविष्य की योजनाओं को अधिक ठोस बनाए। यह हार भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा सबक मानी जा रही है, जिससे आगे सुधार की उम्मीद की जा रही है।
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