भारतीय पहलवान Vinesh Phogat का एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने का सपना सेमीफाइनल में हार के साथ खत्म हो गया। शनिवार को हुए 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल मुकाबले में उन्हें मीनाक्षी गोयत के खिलाफ 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला काफी करीबी रहा, लेकिन अंत में विनेश जीत हासिल नहीं कर सकीं। इस हार के साथ ही उनका इस बार का अभियान यहीं समाप्त हो गया और एशियन गेम्स में जगह बनाने की उम्मीद टूट गई।
मजबूत प्रदर्शन लेकिन सेमीफाइनल में झटका
विनेश ने ट्रायल की शुरुआत मजबूत तरीके से की थी। उन्होंने पहले राउंड में ज्योति को 7-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने निशु के खिलाफ भी कड़ा मुकाबला खेला, जिसे उन्होंने मानदंडों के आधार पर अपने नाम किया। लग रहा था कि वह फाइनल तक पहुंच सकती हैं, लेकिन सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत ने बेहतर रणनीति अपनाते हुए उन्हें 6-4 से हरा दिया। इस हार ने उनके पूरे अभियान पर विराम लगा दिया।
वजन और कैटेगरी को लेकर विवाद भी बना चर्चा का विषय
ट्रायल से पहले विनेश के वजन और कैटेगरी को लेकर भी विवाद देखने को मिला। उन्हें बताया गया था कि उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग में ही हिस्सा लेना होगा, क्योंकि उन्होंने पिछले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इसी कैटेगरी में खेला था। बाद में उनका वजन 53.9 किलोग्राम पाया गया, जिसके बाद उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में शामिल किया गया। इस पूरे मामले पर उन्होंने चयन प्रक्रिया को लेकर असंतोष भी जताया और भेदभाव के आरोप लगाए, हालांकि महासंघ ने इन आरोपों को नकार दिया।
WFI का बयान, चयन प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि विनेश के अनुरोध के बाद ही उनका वजन दोबारा जांचा गया और उन्हें उचित कैटेगरी में खेलने की अनुमति दी गई। इस हार के बाद अब भारतीय कुश्ती में चयन और कैटेगरी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रायल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते किसी भी खिलाड़ी का बाहर होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
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