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पाकिस्तान पर जीत के बाद बड़ा खुलासा! सुपर-8 में इन तीन दिग्गजों से भिड़ेगा भारत, जानें पूरी तारीख और मैदान

T20 World Cup 2026 में पाकिस्तान को हराकर भारत ने सुपर-8 में जगह बना ली है। अब सामने आया टीम इंडिया का पूरा सुपर-8 शेड्यूल। जानिए कब, कहां और किन टीमों से होंगे मुकाबले, सेमीफाइनल की राह कितनी कठिन।

आईसीसी T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर सुपर-8 में जगह पक्की कर ली है। कोलंबो के R. Premadasa Stadium में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान Suryakumar Yadav की अगुवाई में टीम ने पहले बल्लेबाजी और फिर गेंदबाजी में दम दिखाते हुए मैच को एकतरफा बना दिया। इस जीत के साथ भारत का मनोबल काफी ऊंचा है और लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला अब औपचारिकता बन गया है।

भारत का अगला लीग मैच नीदरलैंड्स के खिलाफ है, लेकिन सुपर-8 में पहुंचने के बाद इस मैच का असर अंक तालिका पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। फिर भी टीम मैनेजमेंट चाहेगा कि जीत की लय बरकरार रहे। इसी बीच सुपर-8 का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आगे की राह आसान नहीं होने वाली। भारत को तीन मजबूत टीमों से भिड़ना है और हर मैच लगभग नॉकआउट जैसा होगा।

ऐसा है भारत का सुपर-8 शेड्यूल

सुपर-8 में भारत अपना पहला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा। यह मैच अहमदाबाद के भव्य Narendra Modi Stadium में आयोजित होगा। दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया है और तीन में से तीन मुकाबले जीतकर टॉप पर रहते हुए क्वालीफाई किया है। ऐसे में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाला यह मैच काफी रोमांचक माना जा रहा है।

इसके बाद टीम इंडिया 26 फरवरी को चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में अपना दूसरा सुपर-8 मुकाबला खेलेगी। प्री-सीडिंग के आधार पर यह मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तय है। हालांकि अभी ऑस्ट्रेलिया का क्वालीफाई करना तय नहीं है। अगर वह ग्रुप स्टेज से बाहर होती है और उसकी जगह जिम्बाब्वे आगे बढ़ती है, तो भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। यह स्थिति टूर्नामेंट के अंतिम लीग मैचों के बाद साफ होगी।

सुपर-8 का तीसरा और आखिरी मुकाबला 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा। यह मैच कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि इसी मैच के बाद सेमीफाइनल की तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी।

सीडिंग सिस्टम से तय हुआ पूरा गणित

सुपर-8 का शेड्यूल पहले से तय सीडिंग के आधार पर बनाया गया था। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीमों को उनकी रैंकिंग और पिछले प्रदर्शन के आधार पर सीड दिया गया था। भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज अपनी-अपनी सीडिंग के अनुसार आगे बढ़े हैं। इसका मतलब यह है कि ग्रुप स्टेज में कौन पहले और कौन दूसरे स्थान पर रहा, इससे सुपर-8 के मुकाबलों की संरचना पर कोई असर नहीं पड़ता।

हालांकि अगर कोई टॉप सीड टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो जाती है, तो उसकी जगह क्वालीफाई करने वाली टीम उसी सीड पर सुपर-8 में प्रवेश करती है। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने की स्थिति में जिम्बाब्वे को उसकी जगह उसी स्लॉट में रखा जाएगा। इस सिस्टम से टूर्नामेंट की संरचना पहले से तय रहती है और अंतिम समय में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती। इससे टीमों को पहले से तैयारी का मौका मिलता है।

सेमीफाइनल की राह कितनी मुश्किल?

सुपर-8 में भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए कम से कम दो मुका बले जीतने होंगे या फिर ग्रुप में टॉप-2 में जगह बनानी होगी। तीन में से दो जीत टीम को लगभग सुरक्षित स्थिति में पहुंचा सकती है, लेकिन नेट रन रेट भी अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसे में हर मैच में बड़ा अंतर बनाकर जीत दर्ज करना जरूरी होगा।

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड हाल के वर्षों में बेहतर रहा है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। वहीं वेस्टइंडीज अपनी घरेलू परिस्थितियों और टी20 फॉर्मेट में आक्रामक शैली के लिए जानी जाती है। कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम मैनेजमेंट की कोशिश होगी कि गेंदबाजी आक्रमण निरंतरता बनाए रखे और मध्यक्रम दबाव की स्थिति में भी रन बनाता रहे।

अगर टीम इंडिया सुपर-8 में संतुलित प्रदर्शन करती है, तो सेमीफाइनल का टिकट पक्का हो सकता है। लेकिन एक भी बड़ी चूक पूरे अभियान पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में अब हर मुकाबला फैंस के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा लेकर आएगा और करोड़ों भारतीयों की नजरें टीम इंडिया के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

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