Prashant Kishor Oath: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने सोमवार, 17 अगस्त को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ले ली। बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब उन्होंने आधिकारिक रूप से विधायक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
जीत के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय थे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) भले ही अब विधायक पद की शपथ ले चुके हैं, लेकिन बांकीपुर क्षेत्र में उनका काम पहले से ही शुरू हो चुका था। चुनाव परिणाम आने के बाद से वह लगातार विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों और वार्डों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वह लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की अपनी योजना भी बता रहे हैं। प्रशांत किशोर का कहना है कि बांकीपुर के विकास के लिए जरूरी कामों पर ध्यान दिया जाएगा और क्षेत्र को अलग पहचान दिलाने की कोशिश होगी।
पहली बार चुनाव लड़ा और बन गए जन सुराज के पहले विधायक
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराकर जीत हासिल की। यह चुनावी राजनीति में उतरने के बाद उनकी पहली बड़ी चुनावी जीत रही। उन्हें कुल 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट मिले। आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,273 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ वह जन सुराज पार्टी के पहले विधायक भी बन गए हैं।
1995 से बीजेपी के कब्जे वाली सीट पर बदला समीकरण
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की जीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा था। पार्टी 1995 से इस सीट पर अपना प्रभाव बनाए हुए थी। 30 जुलाई को हुए उपचुनाव के बाद 3 अगस्त को मतगणना हुई और प्रशांत किशोर ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। उसी दिन उन्हें जीत का प्रमाण पत्र भी मिल गया था। अब शपथ लेने के बाद उनकी विधानसभा की औपचारिक भूमिका शुरू हो गई है। उनकी जीत से जन सुराज को बिहार विधानसभा में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला है और आने वाले समय में बांकीपुर में उनके कामकाज पर राजनीतिक नजरें भी बनी रहेंगी।
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