रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार के दावे और जमीन पर दिखाई देने वाली स्थिति में काफी अंतर है। अखिलेश ने कहा कि रक्षाबंधन पर कई महिलाओं को बसों की कमी, भीड़ और सीट न मिलने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रयागराज बस अड्डे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसमें बस अड्डे के आसपास अव्यवस्था और कीचड़ नजर आ रहा है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ नहीं मिल पाने की शिकायत की है।
‘इतना धोखा तो रावण ने भी नहीं किया’, अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा पर निशाना साधते हुए बेहद तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से मुफ्त यात्रा का वादा किया गया, लेकिन कई जगह उन्हें बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। अखिलेश ने अपने पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बहनों के साथ इतना छल तो रावण ने भी नहीं किया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जितना भी राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर ले, अब जनता उसके साथ नहीं जाएगी। सपा अध्यक्ष के इस बयान के बाद रक्षाबंधन पर बसों की व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर यूपी की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
महिलाओं ने बताई अलग-अलग परेशानियां, वीडियो को बनाया आधार
सपा की ओर से साझा किए गए वीडियो में कुछ यात्रियों की ओर से बस सेवा को लेकर परेशानी बताई गई है। महिलाओं का आरोप है कि मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद कई स्थानों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं थीं। कुछ यात्रियों ने सीट नहीं मिलने की बात कही, जबकि कुछ जगहों पर बसों के निर्धारित स्थान पर नहीं रुकने का भी आरोप लगाया गया। अखिलेश यादव ने इन्हीं शिकायतों के आधार पर सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अलग-अलग स्थानों की स्थिति एक जैसी थी या नहीं, यह स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली रिपोर्टों पर निर्भर करता है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
सरकार का दावा- 45 लाख से ज्यादा महिलाओं ने किया मुफ्त सफर
वहीं योगी सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को सफल बताया गया है। सरकार के मुताबिक, इस विशेष सुविधा के तहत 45 लाख से अधिक महिलाओं ने रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की। सरकार ने रक्षाबंधन के मद्देनजर 27 अगस्त की रात से शुक्रवार की मध्यरात्रि तक महिलाओं और उनके साथ यात्रा करने वाले एक व्यक्ति के लिए यूपी रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की व्यवस्था की थी। प्रशासन की ओर से परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में एक तरफ सरकार बड़ी संख्या में महिलाओं के मुफ्त सफर का आंकड़ा पेश कर रही है, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी टकराव ने रक्षाबंधन की बस सेवा को लेकर यूपी की सियासत को गरमा दिया है।
Read More-स्वाइन फ्लू ने लखनऊ में ली पहली जान, महिला की मौत के बाद अस्पताल में मचा हड़कंप
