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वैभव सूर्यवंशी ने फिफ्टी के बाद हाथों से क्यों बनाया ‘A’? मैदान पर दिखे इस इशारे के पीछे छिपी है बेहद भावुक कहानी

वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 18 गेंदों में पहली अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी लगाई। जानिए अर्धशतक के बाद हाथों से 'A' बनाने वाले उनके खास सेलिब्रेशन का भावुक राज, मैच के रिकॉर्ड और भारत की शानदार जीत की पूरी कहानी।

Vaibhav Sooryavanshi

Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी जड़ दी। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर क्रिकेट प्रेमियों को अपना दीवाना बना दिया। लेकिन उनकी पारी जितनी चर्चा में रही, उससे कहीं ज्यादा लोगों की नजर उनके अनोखे सेलिब्रेशन पर गई। अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से अंग्रेजी का अक्षर ‘A’ बनाया। सोशल मीडिया पर तुरंत सवाल उठने लगे कि आखिर इस इशारे का क्या मतलब है। अब इस खास सेलिब्रेशन के पीछे की वजह भी सामने आ चुकी है, जिसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।

 ‘A’ अक्षर का रिश्ता मां से, पहले भी बता चुके हैं वजह

वैभव सूर्यवंशी ने इससे पहले आईपीएल 2026 के दौरान भी यही सेलिब्रेशन किया था। उस समय उन्होंने खुद बताया था कि यह इशारा उनकी मां के सम्मान में होता है। उनकी मां का नाम आरती है, जो अंग्रेजी के अक्षर A से शुरू होता है। वैभव का कहना था कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां का सबसे बड़ा योगदान है और हर बड़ी उपलब्धि उन्हें समर्पित होती है। यही वजह है कि जब भी वह कोई खास पारी खेलते हैं, तो इसी अंदाज में अपनी खुशी जाहिर करते हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी के बाद भी उन्होंने वही सेलिब्रेशन दोहराया और एक बार फिर अपनी मां के प्रति सम्मान और प्यार को दुनिया के सामने रखा। फैंस ने इस भावुक पल की जमकर तारीफ की और सोशल मीडिया पर इसे सबसे खास सेलिब्रेशन बताया।

18 गेंदों में अर्धशतक, कई रिकॉर्ड भी किए अपने नाम

जिम्बाब्वे के खिलाफ 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज अपनाया और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। उन्होंने महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद अगली ही गेंद पर वह कैच आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत की जीत लगभग तय हो चुकी थी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली फिफ्टी थी और केवल चौथे मैच में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ मिली सीमित मौकों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, लेकिन इस मैच में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया।

भारत ने 7 विकेट से दर्ज की आसान जीत

इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को 125 रन पर रोक दिया। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत दिलाई, जबकि प्रिंस यादव ने भी दो अहम विकेट हासिल किए। शुरुआती झटकों के बाद जिम्बाब्वे की ओर से वेस्ले, रयान बर्ल और मरूमनि ने कुछ उपयोगी रन जरूर बनाए, लेकिन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। जवाब में भारत ने वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी, ईशान किशन के 35 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 28 रन की पारी की बदौलत 14वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की, जबकि वैभव सूर्यवंशी अपनी बल्लेबाजी और मां को समर्पित भावुक सेलिब्रेशन की वजह से मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ी बन गए।

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