महिला एशिया कप 2026 के फाइनल के बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन पुरस्कार समारोह में एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी पुरस्कार समारोह से ट्रॉफी सौंपे बिना ही लौट गए। इसके बाद सवाल उठने लगा कि क्या इस मामले में भारत सरकार या विदेश मंत्रालय हस्तक्षेप करेगा।
विदेश मंत्रालय ने बताया किसके अधिकार क्षेत्र में है मामला
इस विवाद को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या ट्रॉफी से जुड़ा मामला मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है और क्या सरकार इसमें दखल देगी। जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अधिकार क्षेत्र में आता है। यानी विदेश मंत्रालय इस मामले में हस्तक्षेप करने की स्थिति में नहीं है और ट्रॉफी से जुड़ा विवाद क्रिकेट बोर्ड के स्तर पर ही सुलझाया जाएगा।
पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी दिए बिना खत्म हुआ कार्यक्रम
फाइनल मुकाबले के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान नकवी मंच पर मौजूद थे। उन्होंने श्रीलंका की कप्तान चामरी अट्टापट्टू को उपविजेता का चेक सौंपा। इसके बाद भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी दी जानी थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके चलते समारोह ट्रॉफी सौंपे बिना ही समाप्त हो गया। भारतीय टीम समारोह में भी शामिल नहीं हुई। इससे पहले बीसीसीआई के अधिकारियों ने खिलाड़ियों को बधाई दी और फील्डिंग मेडल भी प्रदान किया।
पिछले साल भी सामने आया था ऐसा ही विवाद
यह विवाद पहली बार नहीं हुआ है। 2025 के पुरुष एशिया कप में भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक वह ट्रॉफी अभी तक एसीसी कार्यालय में है। अब महिला एशिया कप के बाद इसी तरह की स्थिति सामने आने से मामला फिर सुर्खियों में है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ट्रॉफी का यह मुद्दा BCCI के स्तर पर ही देखा जाएगा।
