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ब्राजील में लूला की जीत से क्यों बढ़ी दुनिया की नजरें? शशि थरूर ने बधाई देते हुए BRICS पर कही बड़ी बात

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला दा सिल्वा की जीत पर शशि थरूर ने बधाई दी। उन्होंने सामाजिक न्याय, BRICS, ग्लोबल साउथ और अमेरिका के साथ संबंधों पर अहम बातें कहीं।

लूला दा सिल्वा

ब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की चुनावी जीत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी राजनीतिक यात्रा की सराहना की। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कारखाने में काम करने से लेकर वैश्विक मंच तक पहुंचने वाले लूला की सफलता ब्राजील की जनता की ताकत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि लूला की राजनीति मजदूरों और गरीबों के हितों से जुड़ी रही है। उनके नेतृत्व में सामाजिक समानता और गरीबी कम करने जैसे मुद्दों को फिर मजबूती मिलने की उम्मीद है।

गरीबों और मजदूरों के लिए क्या मायने रखती है लूला की जीत?

शशि थरूर के मुताबिक, लूला की जीत ब्राजील में सामाजिक समावेश और आर्थिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनका मानना है कि इस नतीजे से उन लोगों की उम्मीदें बढ़ेंगी, जो बेहतर जीवन, रोजगार और समान अवसर चाहते हैं। थरूर ने इस चुनावी परिणाम को लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक प्रगति से जोड़कर देखा। उनके अनुसार, ब्राजील ने विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को अहमियत दी है। हालांकि, इन उम्मीदों को जमीन पर उतारना नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी।

BRICS और ग्लोबल साउथ पर भी पड़ सकता है असर

थरूर ने लूला की जीत के अंतरराष्ट्रीय महत्व का जिक्र करते हुए BRICS की भूमिका पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि लूला का नेतृत्व बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत कर सकता है। इसका अर्थ है कि वैश्विक फैसलों में किसी एक देश के बजाय कई देशों की भागीदारी बढ़े। BRICS के जरिए विकासशील देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक संस्थाओं में अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। ऐसे में ब्राजील की विदेश नीति का असर भारत समेत अन्य विकासशील देशों के साथ उसके संबंधों पर भी पड़ सकता है।

अमेरिका के साथ रिश्तों पर रहेगी नजर

थरूर ने अमेरिका के साथ ब्राजील के संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, व्यापार और टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव की संभावना बनी रह सकती है। लूला की स्वतंत्र विदेश नीति ब्राजील के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता को प्राथमिकता देने पर केंद्रित रह सकती है। थरूर ने इस चुनावी नतीजे को लोकतांत्रिक मजबूती, सामाजिक विकास और वैश्विक सहयोग के नजरिए से अहम बताया। अब देखना होगा कि लूला की सरकार घरेलू आर्थिक चुनौतियों से निपटने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्राजील की भूमिका को किस तरह आगे बढ़ाती है।

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