ब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की चुनावी जीत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी राजनीतिक यात्रा की सराहना की। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कारखाने में काम करने से लेकर वैश्विक मंच तक पहुंचने वाले लूला की सफलता ब्राजील की जनता की ताकत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि लूला की राजनीति मजदूरों और गरीबों के हितों से जुड़ी रही है। उनके नेतृत्व में सामाजिक समानता और गरीबी कम करने जैसे मुद्दों को फिर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गरीबों और मजदूरों के लिए क्या मायने रखती है लूला की जीत?
शशि थरूर के मुताबिक, लूला की जीत ब्राजील में सामाजिक समावेश और आर्थिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनका मानना है कि इस नतीजे से उन लोगों की उम्मीदें बढ़ेंगी, जो बेहतर जीवन, रोजगार और समान अवसर चाहते हैं। थरूर ने इस चुनावी परिणाम को लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक प्रगति से जोड़कर देखा। उनके अनुसार, ब्राजील ने विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को अहमियत दी है। हालांकि, इन उम्मीदों को जमीन पर उतारना नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी।
From the factory floor to the global stage: @LulaOficial ’s historic victory is a powerful reminder that the heartbeat of Brazil belongs to its people. As a steadfast champion of the working class and the poor, his return to leadership breathes new life into social inclusion, economic justice, and the fight against poverty in Brazil.
It also has implications for geopolitics, not least for BRICS. Lula’s leadership supercharges Brazil’s commitment to multipolarity, strengthening the BRICS bloc as a vital voice of the Global South in reshaping international trade and governance. it’s also a challenge for ties with Washington, which had openly backed his rival. While economic and diplomatic friction (such as recent trade and tariff tussles) is likely to persist, Lula’s fiercely independent foreign policy will continue to prioritise national sovereignty over subservience.
Brazil has chosen a path of social progress, democratic resilience, and global cooperation. A historic and, for most, unexpected result amid the waves of rising right-wing assertion in Latin America.
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— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 26, 2026
BRICS और ग्लोबल साउथ पर भी पड़ सकता है असर
थरूर ने लूला की जीत के अंतरराष्ट्रीय महत्व का जिक्र करते हुए BRICS की भूमिका पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि लूला का नेतृत्व बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत कर सकता है। इसका अर्थ है कि वैश्विक फैसलों में किसी एक देश के बजाय कई देशों की भागीदारी बढ़े। BRICS के जरिए विकासशील देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक संस्थाओं में अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। ऐसे में ब्राजील की विदेश नीति का असर भारत समेत अन्य विकासशील देशों के साथ उसके संबंधों पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका के साथ रिश्तों पर रहेगी नजर
थरूर ने अमेरिका के साथ ब्राजील के संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, व्यापार और टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव की संभावना बनी रह सकती है। लूला की स्वतंत्र विदेश नीति ब्राजील के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता को प्राथमिकता देने पर केंद्रित रह सकती है। थरूर ने इस चुनावी नतीजे को लोकतांत्रिक मजबूती, सामाजिक विकास और वैश्विक सहयोग के नजरिए से अहम बताया। अब देखना होगा कि लूला की सरकार घरेलू आर्थिक चुनौतियों से निपटने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्राजील की भूमिका को किस तरह आगे बढ़ाती है।
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