अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। कुख्यात ड्रग माफिया Salim Dola को तुर्किये के शहर Istanbul में सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय एजेंसियों ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है और इसे लंबे समय से चल रही तलाश का बड़ा परिणाम बताया है। सलीम डोला को वैश्विक ड्रग नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जाता था, जिसके तार कई देशों तक फैले हुए थे। उसकी गिरफ्तारी को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
दुबई से चलाता था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला का संबंध भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना Dawood Ibrahim के नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता रहा है। शुरुआती दौर में वह मुंबई में सक्रिय था, लेकिन बाद में दुबई जाकर उसने अपना नेटवर्क और मजबूत किया। वहीं से वह सिंथेटिक ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय कारोबार संभाल रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई के कई बड़े रूट उसके नियंत्रण में थे, जिससे वह लंबे समय से एजेंसियों के रडार पर था।
रेड कॉर्नर नोटिस और इनाम
सलीम डोला को पकड़ने के लिए भारत की एजेंसियां लंबे समय से कोशिश कर रही थीं। Narcotics Control Bureau (NCB) ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा था और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और गिरफ्तारी से बचता रहा। पिछले साल उसके सहयोगियों और परिवार के कुछ सदस्यों को भारत लाया गया था, जिससे जांच एजेंसियों को उसके नेटवर्क की अहम जानकारी मिली। अंततः तुर्किये में हुई इस कार्रवाई से उसे पकड़ने में सफलता मिली।
अब क्या होगा? बड़े खुलासों की उम्मीद
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, हवाला लेनदेन और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं। हालांकि उसे सीधे भारत लाना फिलहाल आसान नहीं है, क्योंकि प्रत्यर्पण प्रक्रिया जटिल होती है। भारतीय एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए उसे भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। इस गिरफ्तारी से न सिर्फ ड्रग तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ चल रही लड़ाई को भी मजबूती मिलेगी।
