मध्य पूर्व में हाल ही में बढ़े तनाव के बीच सीरिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि उनका देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में शामिल नहीं होगा, जब तक कि उसे सीधे निशाना न बनाया जाए। लंदन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि हमारा देश युद्ध का मैदान बने। हमारी प्राथमिकता है कि हम अपने नागरिकों और स्थिरता की रक्षा करें।”
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि सीरिया ने पिछले दशकों में कई युद्ध झेले हैं और उनकी कीमत बहुत भारी रही है। इसलिए वर्तमान समय में कोई भी जंग उनके लिए विकल्प नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल ईरान पर बढ़ते दबाव के चलते संघर्ष में शामिल हैं, और पूरा क्षेत्र अस्थिर हो चुका है।
मौजूदा हालात और क्षेत्रीय अनिश्चितता
राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति न केवल अस्थिर है, बल्कि अनिश्चितता और अप्रत्याशित घटनाओं से भरी हुई है। उनका मानना है कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और किसी भी समय बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है। पिछले एक महीने में संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिसमें हजारों लोगों की जानें गई हैं।
इसके अलावा ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी खतरा मंडरा रहा है। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यह स्थिति केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हर देश को संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए।
सीरिया की कूटनीतिक कोशिशें और पड़ोसी देशों के साथ संबंध
सीरियाई राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश पड़ोसी देशों और विश्व शक्तियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि सीरिया लेबनान, इराक, तुर्की और सऊदी अरब के साथ सकारात्मक रिश्तों की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसी वैश्विक शक्तियों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकता है।
अहम बात यह है कि सीरिया न केवल युद्ध से दूरी बनाए रखना चाहता है, बल्कि क्षेत्रीय तनाव को कूटनीति के जरिए कम करना चाहता है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उनका देश संघर्ष से बचने और बातचीत के रास्ते खोजने में विश्वास रखता है।
सीमा सुरक्षा और तैयारियां
सीरिया ने अपनी सीमा सुरक्षा भी मजबूत कर दी है। इस महीने की शुरुआत में लेबनान और इराक की सीमाओं पर हजारों सैनिक तैनात किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कदम बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और संभावित हमलों के मद्देनजर उठाया गया है। राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा, “हमने पहले ही कई युद्ध झेले हैं और उनकी कीमत चुकाई है। अब हम किसी और संघर्ष के लिए तैयार नहीं हैं। हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और देश की स्थिरता है।”
सीरिया की यह तैयारी यह दर्शाती है कि वे केवल शांतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं, बल्कि किसी भी आक्रामक कदम के खिलाफ जवाब देने के लिए तैयार भी हैं।
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