अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की वायुसेना ने बीती रात भयंकर हवाई हमले किए, जिनमें रिहायशी इलाके और अस्पताल निशाना बने। स्थानीय समयानुसार, पाकिस्तानी JF-17 और F-16 विमानों ने काबुल के पुलिस जिला 9 में स्थित 2 हजार बेड वाले ड्रग रीहैबिलिटेशन अस्पताल समेत आसपास के रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाया। विस्फोटक इतने शक्तिशाली थे कि अस्पताल पूरी तरह धधक उठा और आस-पास के घरों और संस्थानों को भी गंभीर नुकसान हुआ। इस हमले में कम से कम 400 नागरिक मारे गए और 250 से अधिक घायल हुए।
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि अस्पताल पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और इसमें अधिकांश मृतक और घायल मरीज थे, जो इलाज के लिए भर्ती थे। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने न केवल नागरिक ढांचे बल्कि सामूहिक संवेदनाओं का उल्लंघन किया है, खासकर रमजान के पवित्र महीने में। अफगानिस्तान में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, और प्रशासन मृतकों और घायल लोगों को निकालने में जुटा है।
अफगान क्रिकेटरों की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर लिखा कि काबुल में आम नागरिकों के घरों, अस्पतालों और स्कूलों को निशाना बनाना चाहे जानबूझकर किया गया हो या गलती से, यह एक गंभीर युद्ध अपराध है। राशिद ने कहा कि इंसानी जानों की इस तरह उपेक्षा, खासकर रमजान में, अत्यंत घिनौनी है और इससे केवल नफ़रत और फूट बढ़ेगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि इस अत्याचार की जांच करें और दोषियों को सज़ा दिलाएं।
पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने भी इस हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कई युवा मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आए थे, जिन्हें पाकिस्तानी सैन्य हमले में मार दिया गया। उन्होंने कहा कि माताएँ अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नबी ने इसे “आशा की लौ बुझाने वाला हमला” बताया और अफगान लोगों के लिए इस सदमे से उबरने का संदेश दिया।
I am deeply saddened by the latest reports of civilian casualties as a result of Pakistani airstrikes in Kabul. Targeting civilian homes, educational facilities or medical infrastructure, either intentional or by mistake, is a war crime. The sheer disregard for human lives,… pic.twitter.com/DbFRRh2qAJ
— Rashid Khan (@rashidkhan_19) March 16, 2026
अफगान सरकार का विरोध
तालिबान सरकार ने इस हमले की निंदा की और इसे अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमला केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रहा बल्कि नागरिक रिहायशी इलाके भी प्रभावित हुए। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और पाकिस्तान पर दबाव डाला कि इस तरह की कार्रवाई बंद की जाए। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की लगातार हवाई हमलों से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बढ़ रहा है।
इस हमले से पहले भी पाकिस्तान की कार्रवाई में अफगानिस्तान में कई नागरिक मारे जा चुके हैं। केवल पिछले वर्ष जुलाई से मार्च 2026 तक, पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई में कम से कम 531 आम नागरिक हताहत हुए। इस कड़ी में रमजान के महीने में यह हमला एक गंभीर मानवाधिकार संकट के रूप में सामने आया है।
पाकिस्तान का पक्ष
पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने कहा कि वायुसेना ने काबुल और नंगरहार प्रांत में केवल सैन्य ठिकानों पर “सटीक हवाई हमले” किए। उनका कहना है कि ये ठिकाने तकनीकी सहायता और हथियारों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में आम नागरिकों की जान बचाने का पूरा ध्यान रखा गया।
पाकिस्तान का कहना है कि हमला आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा था और इसका मकसद सिर्फ़ आतंकियों और उनके ढांचों को निशाना बनाना था। हालांकि, अफगानिस्तान का कहना है कि हमला अस्पताल और रिहायशी इलाकों को प्रभावित करके आम नागरिकों की जान को खतरे में डालने वाला था। इस विवाद ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रों में इसे गंभीर सुरक्षा संकट के रूप में देखा जा रहा है।
