मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने हालात को और गंभीर बना दिया है। Iran से जुड़ी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Kuwait में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वह क्रैश हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना 23 तारीख को हुई, लेकिन अब तक इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि विमान किस प्रकार का था और उस पर हमला कैसे किया गया। इस खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अब तक नहीं हुई पुष्टि, अमेरिका की चुप्पी बरकरार
इस दावे की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। United States की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना और रक्षा विभाग अभी इस घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे स्थिति और भी रहस्यमयी हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि, इस तरह के दावे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ाने का काम करते हैं।
F-35 को निशाना बनाने का पुराना दावा फिर चर्चा में
इस घटना से कुछ दिन पहले भी Iran ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 Lightning II लड़ाकू विमान को निशाना बनाया था। उस समय कहा गया था कि तेहरान के ऊपर चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान विमान को नुकसान पहुंचाया गया।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि विमान सुरक्षित तरीके से लैंड कर गया और पायलट भी सुरक्षित है। इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों ने सच्चाई को और उलझा दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि विमान पर सर्फेस-टू-एयर मिसाइल से हमला किया गया हो सकता है, लेकिन इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और बढ़ता सैन्य टकराव
बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुई हो सकती है, जिसमें United States के F-35 Lightning II जैसे स्टील्थ फाइटर मिशन पर थे। Islamic Revolutionary Guard Corps ने पहले दावा किया था कि उसने इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमान को नुकसान पहुंचाया और इसके समर्थन में कुछ विजुअल भी जारी किए थे।
हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने केवल इमरजेंसी लैंडिंग की बात कही और किसी बड़े नुकसान से इनकार किया। ऐसे में कुवैत में विमान गिरने का नया दावा कई सवाल खड़े कर रहा है। यह घटना अगर सही साबित होती है, तो मिडिल ईस्ट में सैन्य टकराव और बढ़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि अमेरिका इस मामले पर कब और क्या प्रतिक्रिया देता है।
