हम बाउंसर झेलते थे लेकिन अब बाउंसर का जवाब तेज बाउंसर से देते भारतीय

33
gavsker

दिल्ली। अब भारतीय गेंदबाज भी बाउंसर का जवाब तेज बाउंसर से देते हैं। उनके बाउंसर के सामने दुनिया की बल्लेबाजी अब सतर्क रहती हैं। यह बातें एक साक्षात्कार के दौरान पूर्व कप्तान सुनील मनोहर गावस्कर ने कही है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था कि हम विदेशी पिचों पर शाॅट पिच, बाउंसर का झेलते थे। दूसरी टीम के गेंदबाज
हम पर बाउंसर की बौछार कर देते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। कपिलदेव, मदनलाल और करसन घावरी के जमाने से ही भारतीय गेंदबाजी मारक होती चली गई है। वर्तमान में भारतीय टीम किसी भी टीम को समय में आउट करने का क्षमता रखती है। मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह किसी भी बल्लेबाजी क्रम को जोरदार चुनौती देते हैं। इन तीनों गेंदबाजों के पास गति के साथ स्विंग भी है। इन स्विंग, आउट स्विंग कराने में भारतीय गेंदबाजी दक्ष होती जा रही है।

यह भी पढ़ेंः-एयरपोर्ट पर रोक गए क्रुणाल पांड्या, चोरी छिपे ला रहे थे करोड़ों की घड़ियां

गुलाबी गेंद को लेकर कोई नया पहलू नहीं है। बांग्लादेश के खिलाफ भी गुलाबी गेंद का उपयोग हुआ था। उन्होंने कहा कि हार्दिक गेंदबाजी करेंगे तो साथी गेंदबाजों को सहयोग मिलेगा। मैच प्रारम्भ होने के साथ ही सब कुछ नियमित, सामान्य हो जाता है। उन्होंने कोराना और जैविक बबल के बारे में कहा कि यह एक सुरक्षा है जो टीम के सभी खिलाड़ियों पर लागू हैं। सीधा प्रसारण कर रहे लोगों पर लागू है। उन्होंने कहा कि आइपीएल के दौरान दो महीने कैसे गुजर गये पता ही नहीं चला।

गावस्कर ने कहा कि टीम में मस्ती, शरारत और खेल तीनों होना चाहिए। मस्ती, शरारत और खेल जब तीनों एक साथ होते हैं तो टीम के सदस्य बोझिल नहीं होंगे। टीम के खिलाड़ी भी आपस में खूब मनोरंजन करते हैं। उन्होंने ओपनिंग जोड़ी के रूप में केएल राहुल-रोहित शर्मा पर विश्वास जताया। दोनों बल्लेबाजों में काफी क्रिकेट हैं। मयंक अग्रवाल ने पिछले दौरे पर बल्लेबाजी की थी उससे लगता है कि भारतीय टीम बल्लेबाजी में प्रवीण है। टीम के पास अच्छा संतुलन के साथ काबलियत है।

यह भी पढ़ेंः-दारा सिंह के देसी दांव के आगे नहीं टिका दुनिया का कोई पहलवान, हनुमान बन लोगों के दिलों में बनाई जगह