योगी राज में भी नहीं बदले हालात, दबंगों के डर से घर बेचने को मजबूर हुए लोग

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मेरठ। पश्चिमी यूपी में हिंदुओं के पलायन के मुद्दे पर अखिलेश सरकार की खूब फजिहत हुई थी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में इसको मुद्दा भी बनाया था। लेकिन उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बावजूद भी स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं। हिंदुत्व की छवि वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के तीन साल बीत जाने के बावजूद प्रदेश में हिंदुओं के पलायन की खबर का आना पूरी व्यवस्था पर सवाल है। मेरठ के कंकरखेड़ा में श्रद्धापुरी संतविहार की गली-2 में एक मकान को छोड़कर बाकी सभी मकानों पर बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा किए गए हैं। यहां के लोगों ने दबंगई और गंदगी का आरोप लगाते हुए कहा है कि 22 हजार रुपए गज जमीन का रेट है और वह लोग अपना मकान बेचना चाहते हैं। वहीं यह पूरा मामला एक महिला की डेयरी और उसके ओर से की जा रही अभद्रता से जुड़ा हुआ है। बीते चार दिन से इसी को लेकर यहां बवाल मचा हुआ है।

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जानकारी के मुताबिक संत विहार कॉलोनी गली-2 में लगभग 50 मकान हैं। इस कॉलोनी में एक मकान को छोड़कर बाकी सभी मकानों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए गए हैं। सभी पोस्टरों पर लिखा है कि दबंगई के कारण मकान बिकाऊ है। इस संदर्भ में बात करने पर लोगों ने बताया कि यहां 22 हजार रुपए गज जमीन का रेट है और बाकी मकान की कीमत अलग से। इस दौरान लोगों का दर्द छलक आया। इन लोगों ने बताया कि मकान में एक-एक ईंट खुद लगवाई थी, लेकिन अब उन्हें मकान बेचने में ही भलाई नजर आ रही है। गली में रहने वाले सभी लोग एक परिवार की दबंगई से त्रस्त हैं। सभी का कहना है कि यहां महिला डेयरी चला रही है जिसके चलते पीछे वाले मकानों का पानी बंद कर दिया गया है। ऐसे में पानी की निकासी बड़ी समस्या बन गई है। इसका विरोध करने पर लोगों को मारापीटा जा रहा है।

गौरतलब है कि कॉलोनी में चार दिन पहले इसी परिवार के साथ इसी कॉलोनी के यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल और एक अन्य परिवार का विवाद हो गया था। बवाल इतना बढ़ गया कि थाने से लेकर जिला अस्पताल तक हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। पूरी कॉलोनी लोग इस परिवार की दबंगई से त्रस्त हो चुके है। इसी के चलते सबने अपने घर पर मकान बिकाऊ के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।

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