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Friday, September 17, 2021

राष्ट्रगान के अपमान को लेकर न्याय मांग रही महिला खुद पहुंच गई जेल, जानें मामला

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उत्तर प्रदेश के बांदा में राष्ट्रगान अपमान मामले को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए एक महिला समाजसेविका को पुलिस ने कोविड नियमों का हवाला देकर उसे अरेस्ट कर जेल भेजवा दिया। गिरफ्तारी से पहले दोनों महिलाओं को बीच जबरदस्त नोंक झोक हुई। मामले को बताते हुए पुलिस ने जानकारी दी की कोरोना काल में धरना प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।

पुलिस का कहना है कि कोविड का समय होने के बाद भी महिला की जिद थी प्रदर्शन करने की। इस वजह से उसे गिरफ्तार किया गया। गिफ्तारी से पहले महिला जोर-जोर से चिल्ला रही थी कि देश के अपमान होने पर जो अवाज उठाए उसके खिलाफ बोले उसे ही गिरफ्तार किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सोशल मीडिया में पंद्रह अगस्त के दिन बांदा के नवाब टैंक में हुए एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बांदा के सांसद, चारों विधायक, कई भाजपा नेता और सरकारी अफसर ध्वजा रोहण करते है और फिर राष्ट्रगान गाना शुरू करते है कि तभी गाते गाते वह राष्ट्रगान भूल जाते है ओर बीच में छोड़कर जाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि राष्ट्रगान के अपमान का आरोप झेल रहे नेता और अफसर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

भाजपा नेताओं का कहना है कि साउंड सर्विस वालों ने दोबारा राष्ट्रगान बजा दिया था, जबकि हम पहले ही सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान गा चुके थे, जबकि अधिकारी भी कुछ ऐसा ही तर्क देते हुए अचानक बजे गीत को ‘ऑफिसियल राष्ट्रगान’ नहीं मान रहे हैं।

इस पर आलोचकों का साफ कहना है कि हमे राष्ट्रगान का सम्मान करना चाहिए। अगर धोखे से भी दोबारा बज जाता है तो नेता लोगों को दोबारा 52 सेकेंड के लिए फिर से खड़े हो जाना चाहिए था।

इस मामले में पुलिस पहले ही एक सोशल मीडिया यूजर के खिलाफ वीडियो वायरल करने के आरोप में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चुकी है और अब पुलिस ने दूसरा केस दर्ज कर कोविड नियमों और शांतिभंग का हवाला दे महिला समाजसेविका को धरना स्थल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जेल जाने से पहले शालिनी पटेल ने बताया कि 15 अगस्त के दिन जो हमारे राष्ट्रगान का अपमान हुआ था, इस पर लोगों को 16 तारीख को यह खबर दी कि जिन लोगों ने राष्ट्रगान का अपमान किया है उनके खिलाफ अगर एफआईआर नहीं लिखी जाएगी तो हम आंदोलन करेंगे, आज हम सिर्फ 6 महिलाएं धरना देने आईं तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मामले में डिप्टी एसपी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अशोक स्तम्भ तिराहे पर शालिनी पटेल नाम की सामाजिक कार्यकर्ता अपने साथ कुछ महिलाओं को लेकर बिना मास्क लगाए बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन कर रही थीं, उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लघंन भी किया। उन्हें बहुत समझाया गया कहा गया कि यहां से आप हट जाएं लेकिन उन्होंने अपनी जिद के आगे किसी की नहीं सुनी।

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