कोरोना टीकाकरण के बाद 1800 स्वास्थ्यकर्मी हुए लापता, जानें पूरा मामला

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लखनऊ। भारत में कोरोना वैक्सीन का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। इस बीच उत्तर प्रदेश वैक्सीन का पहला चरण पूरा होने से बाद से ही 1800 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी लापता हो गए हैं। टीकाकरण शुरू होने से पहले 26,292 कर्मचारियो का डाटा स्वास्थ्य विभाग ने शासन को भेजा था, लेकिन इनमे से अब तक 24,289 स्वास्थ्यकर्मी का ही पता चला है। अब इस बात की आशंका जताई जा रही है कि, विभाग द्वारा कहीं न कहीं स्वास्थ्यकर्मियों डाटा बनाने में बड़ी चूक हुई है।

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देश में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज स्वास्थ्यकर्मियों को ही दिया जा रहा है। भारत में अब तक करीब 45 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का पहला डोज दिया जा चूका है। उत्तर प्रदेश ने शासन ने सभी जिलों से स्वास्थ्यकर्मियों की डाटा मांगा था, जिसमे सरकारी और प्राइवेट सभी कर्मचारियों की जानकारी शामिल है। इसके बाद जिलों से जो लिस्ट शासन को भेजी गई थी। उसमे 26,292 स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।

स्वास्थ्यकर्मियों का जब टीकाकरण शुरू हुआ तो 1,800 से ज्यादा कर्मियों का तो पता ही नहीं चला। जब प्रदेश में टीकाकरण का पहला चरण पूरा हो गया तो उसमे 24,289 सत्यापित स्वास्थ्यकर्मियों सामने आए जिन्हे वैक्सीन का पहला डोज दिया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIO) डॉक्टर आरएन सिंह का मामले को लेकर कहना है कि, वैक्सीन का पहला चरण पूरा होने के बाद लगभग 1,800 स्वास्थ्यकर्मी कम सामने आए हैं।

ऐसे में अब इस बात की भी संभावना है कि, पोर्टल में स्वास्थ्यकर्मियों के नाम से ज्यादा बार अपलोड हुए हों। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि, कई ऐसे लोगों का नाम भी अपलोड हो गया हो। जो टीकाकरण के मानकों में नहीं आते हैं।

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