104 नौकरशाहों ने सीएम योगी को लिखा पत्र, यूपी की राजनीति को लेकर कही यह बड़ी बात

49
yogi-adityanath

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 100 से अधिक पूर्व नौकरशाहों ने पत्र लिखकर यूपी को नफरत की राजनीति का केंद्र बताया है। पत्र में नौकरशाहों ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून 2020 पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे प्रदेश नफरत, विभाजन और कट्टरता की राजनीति का केंद्र बन गया है। इसको लेकर पूर्व प्रधानमंत्री सलाहकार रहे टीकेए नायर, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन, पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव सहित 104 नौकरशाहों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

इसे भी पढ़ें: शिवसेना-एनसीपी कांग्रेस को खत्म करने की रच रहे हैं साजिश, पार्टी नेता ने सोनिया को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र में कहा गया है कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश गंगान्जमुनी तहजीब को सींचने वाला राज्य था। लेकिन मौजूदा समय में नफरत, विभाजन और कट्टरता की राजनीति का केंद्र बन गया है। पूर्व नौकरशाहों ने पत्र में आरोप लगाया है कि यह कानून अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश है और उन्हें परेशान करने के लिए इसे बनाया गया है। राइट विंग विचारधारा वालों ने लव जिहाद जैसे नाम दिए है। इसके अनुसार मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को बहला-फुसलाकर शादी करते हैं और बाद में चलकर धर्म परिवर्तन के लिए उनपर दबाव बनाते हैं।

पूर्व नौकरशाहों ने इसे केवल मनगढ़ंत कहानी बताया है। इन लोगों ने इसे युवाओं के खिलाफ जघन्य अपराध बताया है। इतना ही नहीं इन लोगों ने प़ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी का हवाला भी दिया है, जिसमें कहा गया है कि अगर लड़का-लड़की खुद की मर्जी से शादी कर रहे हैं, तो इसमें कोई अपराध नहीं है। कोर्ट ने बीते महीने एक आदेश सुनाया था, जिसमें कहा था कि किसी के व्यक्तिगत रिश्तों में दखल देना उसकी स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है।

इसे भी पढ़ें: अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के दो ठीकानों पर ईडी ने की एकसाथ छापेमारी