शबनम की फांसी में फंसा यह पेंच, कोर्ट ने अभी डेथ वारंट जारी करने से किया मना

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अमरोहा। अपने ही परिवार के सात सदस्यों कोई हत्या के आरोप में रामपुर जेल में बंद शबनम की फांसी को लेकर मथुरा जेल प्रशासन ने भले ही सारी तैयारी कर ली है,लेकिन कोर्ट ने अभी डेथ वारंट जारी करने से मना कर दिया है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जेल में बना शबनम पर प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात सदस्यों को कुल्हाड़ी से काट कर मार देने का आरोप है। देश की सबसे बड़ी अदालत से फांसी की सजा मिलने के बाद शबनम ने राष्ट्रपति भवन में दया याचिका भेजी थी जो ख़ारिज हो चुकी है। इसके बाद मथुरा जेल प्रशासन में शबनम को फांसी देने की तैयारी शुरू हो गयी, जो अब पूरी हो चुकी है।

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शबनम को फांसी देने के लिए सरकारी वकील की ओर से मथुरा के जिला जज के पास डेथ वॉरंट जारी करने की मांग रखी गई थी,लेकिन राजभवन ने शबनम की दया याचिका लंबित होने के कारण जज ने डेथ वॉरंट जारी करने से मना कर दिया। वहीं अब शबनम ने इस मामले में खुद को निर्दोष बाते हुए केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। इधर शबनम के बेटे ताज ने रविवार को शबनम से मुलाकात की। इस दौरान ताज ने पहली बार अपनी मां से पूछा क्या उन्होंने यह गुनाह किया है या फिर उसे फंसाया गया है ? ताज के साथ उसके केयर टेकटर उस्मान थे। मां बेटे की यह मुलाकत करीब एक घंटे तक चली। बेटे को देखकर शबनम भावुक हो गयी और उससे कहा खूब मन लगाकर पढ़ना।

2008 में दिया था घटना को अंजाम

बेटे के केयर टेकर उस्मान ने कहा कि अगर शबनम ने ये गुनाह किया है तो उसे जरूर सजा होनी चाहिए, लेकिन शबनम को एक बार मीडिया से बात करने का मौका दिया जाना चाहिए। गौरतलब है रामपुर जेल में बंद शबनम अमरोहा जिले के बाबनखेड़ी गांव की रहने वाली है। शबनम ने साल 2008 में 14-15 अप्रैल की रात प्रेमी के साथ मिलाकर अपने ही परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी। इसके बाद कोर्ट ने शबनम और उसके प्रेमी सलीम को फांसी की सजा सुनाई है। शबनम जुलाई 2019 से रामपुर जेल में बंद है।

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