आतंकियों ने इन जिलों से खरीदे थे असलहे, खुफिया एजेंसियों को नहीं लगी भनक

0
170

लखनऊ से पकड़े गए अलकायदा (Al Qaeda) आतंकी मिनहाज और मुशीरूद्दीन से पुलिस की पूछताछ जारी है। इसमें रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। आतंकियों से असलहे और अन्य मदद पहुंचने वाले तीन मददगार भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं, जिन्होंने पूछताछ में बताया है कि असलहों की आपूर्ति वो मुजफ्फरनगर, चंदौली, कानपुर, गाजियाबाद से करते थे। ऐसे में अब स्थानीय पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं कि कैसे उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं हुई। पुलिस के मुखबिर और अन्य खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी।

इसे भी पढ़ें: बारिश का कहर : राजधानी मुंबई के चेंबूर-विक्रोली में गिरी दीवार, अबतक 23 लोगों ने गवाई जान

यूपी एटीएस ने जब दो संदिग्ध आंतकी मुशीरूद्दीन और मिनहाज को लखनऊ (Lucknow) से गिरफ्तार किया था तो उनके पास भारी मात्रा में विस्फोटक और एक कूकर बम भी मिला था। आतंकियों की साजिश थी राज्य के कई जिलों में एक साथ ब्लास्ट करने की। दोनों आतंकियों से जब पूछताछ शुरू हुई तो उनके कई मददगारों के नाम भी सामने आये। यूपी एटीएस (UP ATS) ने आतंकियों को मदद पहुंचने के आरोप में मो. मुस्तकीम, शकील, मुईद को गिरफ्तार कर लिया, जिनसे पूछताछ जारी है और अब तक कई तथ्य सामने आ चुके हैं।

पुलिस इन तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके इन की रिमांड की मांग की है। रिमांड प्रार्थना पत्र पुलिस ने जिक्र किया है कि संदिग्ध आतंकियों मददगारों ने कानपुर, चंदौली, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के लोनी से असलेह और कारतूस खरीदे थे। बताया जा रहा है कि मिनहाज बड़े पैमाने पर लखनऊ में असलहे जुटाने की कोशिश में था। यही वजह थी कि तीनों मददगारों को हथियार खरीदने के काम में लगाया गया था।

चंदौली से भी आतंकियों को असलहा सप्लाई हुआ है। इस बात के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियों की प्रणाली सवालों के घेरे में है। दो साल पहले मुगलसराय से रशीद को आर्मी इंटेलिजेंस और एनआईए की टीमों ने मिलकर पकड़ा था, जिस पर आरोप था कि वो आईएसआई के रेकी करता है। अब जब दोबारा आतंकियों का संबंध जिले से जुड़ रहा है तो एजेसियों के कान खड़े हो गए हैं।

इसे भी पढ़ें: प्रयागराज: सब्जी बेचने वाली महिला बनी ब्लॉक प्रमुख, मिले 65 में से 60 वोट