Saturday, October 16, 2021

UP में गहराया बिजली संकट, गांव से लेकर शहरों में जबरदस्त कटौती शुरू, CM योगी ने PM मोदी से की ये मांग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली संकट पैदा हो चुका है। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली कटौती हो रही है। इसकी वजह है कोयले की कमी। यूपी राज्‍य विधुत निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में रोजाना कोयले का स्टॉक दस हजार टन कम हो रहा है। कोयले का लगातार कम होता स्टॉक बड़े खतरे की ओर इशारा भी कर रहा है। अगर समय रहते कोयले की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो पूरे राज्य बिजली संकट (ब्लैक आउट) की चपेट में आ सकता है। बिगड़ते हालात को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र भेजकर प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने और कोयले की सप्लाई सामान्य कराने का अनुरोध किया है।

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सोनभद्र पावर प्लांट की इकाइयां कोयले की कमी की वजह से धीरे-धीरे बंद की जा रही हैं। पारीछा-बी की 210 मेगावॉट, पारीछा-सी की 250 मेगावाट और हरदुआगंज-डी की 250 मेगावॉट की इकाई बंद होने से रोजाना 2.88 मिलियन यूनिट बिजली का उत्‍पादन बंद पड़ा है। वहीं जो इकाईयां चल रही हैं, वो भी 60 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं। अनपरा ए की 210-210 मेगावॉट क्षमता वाली तीन इकाइयों में 40-40 मेगावॉट बिजली का उत्‍पादन कम कर दिया गया है।

बिजली संकट का असर अब गांव से लेकर शहर तक दिखने लगा है। लगातार बिजली कटौती की जा रही है। इसकी वजह से आम जनता भी काफी परेशान है। कोयले का स्टॉक हरदुआगंज और पारीछा में करीब-करीब खत्म ही हो चुका है। वहीं करीब ढाई दिन का कोयला सिर्फ अनपरा बचा है।

कोयले का स्टॉक व रोजाना की जरूरत
हरदुआगंज इकाई में प्रतिदिन 4022 से 8000 मीट्रिक टन, पारीछा में 9682 से 15000 मीट्रिक टन, अनपरा में 86426 से 40000 मीट्रिक टन और ओबरा में 42433 से 16000 मीट्रिक टन कोयले की जरूरत इकाइयों को को पूरी क्षमता से चलाने के लिए जरूरत पड़ती है।

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