Saturday, October 16, 2021

लखीमपुर खीरी हिंसा के आरोपी केंद्रीय मंत्री के फरार बेटे आशीष मिश्रा की तलाश में जुटी पुलिस

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लखनऊ। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में यूपी पुलिस ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। आईजी लक्ष्मी सिंह (IG Laxmi Singh) ने मामले को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आशीष मिश्रा की तलाश जारी है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। आईजी के बयान से साफ़ पता चलता है कि पुलिस जानकारी नहीं है कि हिंसा का आरोपी आशीष मिश्रा कहां है। वहीं मंगलवार तक आशीष लगातार मीडिया से बात करते हुए हिंसा को लेकर सफाई दे रहे थे और किसी भी तरह की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार थे।

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ज्ञात हो कि, लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। हिंसा को लेकर दर्ज एफआईआर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का बेटा उस कार में मौजूद था, जिससे किसानों को कुचला गया है। इसके आलावा उस पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया गया है। बहराइच जिले के जगजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित थी। इसकी साजिश मंत्री और उनके बेटे ने रची थी।

केंद्रीय मंत्री के भड़काऊ बयान दिया और उसके के बाद हिंसा भड़की, जिसमे 8 लोगों की मौत हुई। दर्ज मुदकमे के अनुसार, किसान उस दिन अग्रसेन इंटर कॉलेज के मैदान में इकट्ठे हुए थे। उन्हें बनबीर जा रहे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना था। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, ‘3 बजे के करीब तीन गाड़ियों से आशीष मिश्रा 15 से 20 हथियारबंद लोगों के साथ बनबीरपुर पहुंचे।

आशीष महिंद्रा थार में बाईं ओर बैठे था, जिसने गोलियां चलानीं शुरू कर दी और भीड़ को रौंदते हुए आगे बढ़ गया। नानपारा के मत्रोनिया गांव के गुरविंदर सिंह की फायरिंग की वजह से मौत हो गई। किसानों को तेज रफ्तार गाड़ियां दोनों ओर कुचलते हुए चली गई। लखीमपुर खीरी हिंसा की घटना को चार दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक मामले को लेकर किसी भी आरोपी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़े कर रहा है।

किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार को किसानों के बीच हुए समझौते में आरोपियों में एक सप्ताह में गिरफ्तार करने की बात की गई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो आगे की रणनीति जल्द बनाई जाएगी।

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