देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा विपक्ष : मुख्यमंत्री योगी

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जब देश में कोई महत्वपूर्ण कार्य होता है, उससे पहले विपक्ष किसी न किसी साजिश का शिकार होकर देश के खिलाफ या दुनिया के अंदर भारत के खिलाफ माहौल बनाने किसी षडयंत्र का हिस्सा बन जाता है। विपक्ष जाने—अनजाने में अंतरराष्ट्रीय साजिशों का शिकार हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय साजिश भारत को अस्थिर करना चाहते हैं, साथ ही ये ताकतें किसी न किसी रूप में भारत को अस्त-व्यस्त करना चाहती हैं, ये पहली घटना नहीं है। बीते साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जब भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे थे तब भी दंगा हो गया था, यह इसी साजिश का हिस्सा था। लखनऊ : विपक्ष द्वारा कथित जासूसी कांड को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार दोपहर संवाददाताओं से कहा कि संसद सत्र के मानसून सत्र को लेकर सरकार ने साहसिक निर्णय लिया था, लेकिन इसके ठीक एक दिन पहले सनसनीखेज चीजें परोसकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कोरोना काल में भी नकारात्मक राजनीति की थी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान विपक्ष ने देश में अराजकता का माहौल पैदा किया, ये राजनीति के घटते स्तर को दिखाता है, विपक्ष पूरी तरह नकारात्मक भूमिका में है। योगी ने जोर देकर कहा कि जब देश में कोई महत्वपूर्ण कार्य होता है, उससे पहले विपक्ष किसी न किसी साजिश का शिकार होकर देश के खिलाफ या दुनिया के अंदर भारत के खिलाफ माहौल बनाने किसी षडयंत्र का हिस्सा बन जाता है। विपक्ष जाने—अनजाने में अंतरराष्ट्रीय साजिशों का शिकार हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय साजिश भारत को अस्थिर करना चाहते हैं, साथ ही ये ताकतें किसी न किसी रूप में भारत को अस्त-व्यस्त करना चाहती हैं, ये पहली घटना नहीं है। बीते साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जब भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे थे तब भी दंगा हो गया था, यह इसी साजिश का हिस्सा था। तमाम विपक्षी दलों के लोगों की संलिप्तता उस दंगे के साथ जोड़कर देखी गई थी।
कोरोना काल के दौरान देश के कोविड प्रबंधों को डब्ल्यूएचओ और अन्य देशों ने सराहा था, लेकिन भारत के अंदर विपक्ष एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था कि जैसे सरकार इन सब चीजों से अनभिज्ञ है और महामारी से लोग मर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को खराब करने व अस्थिर करने के लिए विपक्ष जिन मंसूबों के साथ काम कर रहा है, दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद का यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है, संसद की परम्परा रही है कि प्रधानमंत्री द्वारा सरकार के नए मंत्रियों का परिचय संसद सदस्यों से कराया जाता है। मंत्रिमंडल में ग्रामीण तबके, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ी जाति से जुड़े लोगों को मंत्री बनाया गया, लेकिन उन मंत्रियों का परिचय विपक्ष को रास नहीं आया। संसद को शोर-गुल का शिकार बनाना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है, ये लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।
किसान आंदोलन के नाम पर देश के खिलाफ साजिश रची गई। किसानों को समुदाय और मजहब के साथ जोड़कर उनके माध्यम से भड़काऊ और देश विरोधी कार्य कराये जाते हैं, इस नकारात्मक राजनीति से न देश, न विपक्ष और न ही जनता का कल्याण होने वाला है। इस प्रकार की राजनीति देश के माहौल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को खराब करेगी। तथ्यहीन और छोटे आरोप लगाकर देश के नेतृत्व और देश की छवि को लगातार खराब करना विपक्ष के एजेंडे का हिस्सा बन चुका है। विपक्ष की गलत मंशा कभी पूरी नहीं होगी, जनता इसका जवाब जरूर देगी। इससे पहले मामले में विपक्षी कांग्रेस पार्टी केन्द्र सरकार पर हमला बोला और गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की भी जांच की मांग की। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जासूसी की मीडिया रिपोर्ट पर कांग्रेस के आरोपों को ‘स्तरहीन’ करार दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को सवाल किया कि आखिर मॉनसून सत्र से पहले पेगासस की ये कहानी कैसे सामने आई? जो कांग्रेस पार्टी गलवान घाटी के सुबूत मांगे उनके क्या उम्मीद की जाए। विपक्षी कांग्रेस की तरफ से लगाए गए सभी आरोपों को भारतीय जनता पार्टी सिरे से खारिज करती है। कांग्रेस का इतिहास ही जासूसी का रहा है।