मेनका गांधी के बिगड़े बोल, एसपी से कहा— मरने वाले मरे हमारी बला से, देखें वीडियो

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लखनऊ। भारत में कोरोना संकट के बीच एहतिहात बरतने की जगह इससे बचने के नियमों का मजाक बनाया जा रहा है। शायद यही कारण है कि तमाम प्रयासों के बावजूद महामारी थमने का नाम नहीं ले रही है। हैरत की बात यह है कि जिनके जिम्मे लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी है वही लोग जनता को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सुल्तानपुर से भाजपा सांसद मेनका गांधी का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस कप्तान को मास्क न लगाने वालों पर कार्रवाई न करने की नसीहत दे रही हैं। वह कहती सुनी जा रही हैं कि कोरोना संक्रमण से बचने के नियमों का न मानने वाले मरें हमारी बला से, लेकिन मास्क न लगाने वालों से कोई वसूली नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने गुमराह करने वाले मीडिया कर्मियों को भी ब्लैकमेलर करार दिया।

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिनों पहले कहा था कहा था कि स्वास्थ्य नियमों के पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मास्क न लगाने वालों का पर भी कार्रवाई हो चाहे वह देश का प्रधानमंत्री ही क्यों न हो। ऐसे में उन्हीं की पार्टी की सांसद मेनका गांधी मास्क न लगाने वालों की पैरवी कर क्या साबित करना चाहती हैं। क्या वह सरकारी नियमों से ऊपर हैं? क्या उनके सामने प्रधानमंत्री का कोई वजूद नहीं है। मेनका गांधी को समझना चाहिए कि जनता को खुश करने के लिए उनकी जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता।

देश में कोरोना वायरस की चपेट में आने की वजह से 45 हजार से ऊपर लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं। मजे की बात यह है कि जिन अधिकारियों पर स्वस्थ्य नियमों के पालन कराने की जिम्मेदारी है वही न पालन कराने के निर्देशों को स्वीकारते देखे जा रहे हैं। बताते चलें की उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन के नियमों को लेकर कई तरह के असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। पुलिस स्वास्थ्य नियमों के पालन कराने की जगह वसूली करने में लगी हुई है।

अभी तक एक भी मामला ऐसा नहीं आया जिसमें पुलिस आम इंसान को स्वास्थ्य नियमों के प्रति जागरूक कर रहा हो। खैर जितना दोषी कोरोना वायरस से बचने के लिए जारी गाइडलाइन को न मानने वाले हैं उससे कहीं ज्यादा इसके लिए उन्हें उकसाने वाले भी हैं। मेनका गांधी के वायरल इस वीडियो पर क्या उन पर कोई कार्रवाई हो पाएगी या फिर यहां भी भारतीय कानून अपना दोहरा मानदंड अपनाएगा।

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