10 दिन बाद भी नहीं बिका धान, तो किसान ने लगा दी आग, अधिकारियों के हाथ-पांव फूले

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लखनऊ। दिल्ली सीमा पर किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले 46 दिनों आंदोलन कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदने का दावा कर रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर से सच्चाई उसके विपरीत ही नज़र आ रही है। जहां एक किसान ने अपने 50 क्विंटल धान आग लगा दी। किसान पिछले दस दिनों से अपनी फसल बिकने का इंतज़ार कर रहा है, लेकिन जब कुछ उसकी बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने धान में आग लगा दी, जिससे केंद्र में अफरा तफरी मच गई।

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चौबेपुर के खरगपुर में रहने वाले किसान वीरेंद्र सिंह 50 क्विंटल धान लेकर सरकारी धान खरीद केंद्र पर 28 दिसंबर पहुंचे थे। दस दिन बीत जाने के बाद भी जब उसका नंबर नहीं आया तो केंद्र कर्मचारियों से वीरेंद्र सिंह ने उसकी धान की तौल करने की काफी मिन्नतें की, लेकिन कर्मचारी नहीं माने। इसके बाद किसान वीरेंद्र सिंह हताश हो गया और गुस्से में आकर उसने अपने धान को आग के हवाले कर दिया, लेकिन उस वक़्त मौके पर मौजूद किसान हरकत में आये और उन्हें धान के बोरो पर पानी डालकर आग को वक़्त पर ही बुझा दिया।

इस घटना की जानकारी जैसे ही खरीद केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को मिली, उनके हाथ पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत किसान वीरेंद्र सिंह को बुलाया और समझने लगे और इस बीच ही उसके धान की तौल भी शुरू कर दी। वहीं इस मामले की जानकारी के बाद सरकारी धान खरीद पर पहुंचे संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी रंग बहादुर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, धान में कुछ शरारती तत्व के द्वारा आग लगाई गई थी। फ़िलहाल जिन्हे चिन्हित किया जा रहा है, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं बाकी जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बिलकुल निराधार हैं।

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