कासगंज कांड : पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ एक लाख का यह इनामी बदमाश, सिपाही की हत्या में था वांटेड

144
kasganj kand

लखनऊ। बीते नौ फरवरी को अवैध शराब केस में छापा मारने पहुंची पुलिस टीम पर हमले और एक सिपाही की हत्या का मुख्य आरोपी मोती सिंह देर रात पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। मोती सिंह पर सिढ़पुरा थाने के सिपाही की हत्या और दारोगा को बुरी तरह से घायल करने का आरोप था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया था, फिर भी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।

इसे भी पढ़ें:-कासगंज: शराब माफियाओं ने छापा मारने गई पुलिस टीम पर किया हमला, सिपाही की हत्या, आरोपी ढेर

जानकरी के मुताबिक मोती सिंह बीते नौ फरवरी को उत्तर प्रदेश में हुए कासगंज काण्ड का मुख्य आरोपी था, जिसे देर रात पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। पुलिस से उसके पास से दरोगा की गायब पिस्टल भी बरामद कर ली है। गत नौ फरवरी को पुलिस को कासगंज के थाना सिढ़पुरा के नगला धीमर गांव में अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस वहां छापा मारने पहुंची थी। पुलिस के छापा मारने की सूचना शराब माफियाओं को पहले ही मिल चुकी थी।

दरोगा को पीट-पीट कर किया था लहूलुहान

उन्होंने छापा मारने आयी पुलिस टीम को घेर लिया और सब इंस्पेक्टर अशोक और सिपाही देवेंद्र को बंधक बना लिया। इस मामले में पुलिस कुछ समझ पति इससे पहले ही बदमाशों ने दरोगा अशोक और सिपाही देवेंद्र को पीट-पीट कर लहूलुहान कर दिया। इस मारपीट में सैफई की मौत हो गयी, जबकि दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य पुलिस वालों पर भी लाठी और भाले से हमला किया गया था। इस घटना को अंजाम देने के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी मोती सिंह को पिछले कई दिनों से पुलिस तलाश कर रही थी।

गिरफ्तारी के लिए पुलिस दे रही थी दबिश

मोती सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रदेश के कई जिलों में दबिश दे रही थी। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। इस बीच देर रात कासगंज कांड के एक लाख इनामिया मोती सिंह का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। इसके पहले कासगंज कांड के एक और आरोपी को मुठभेड़ में ढेर किया जा चुका था। दरअसल पुलिस ने वारदात के मुख्य आरोपी मोती के भाई एलकार तथा उसके साथियों को पुलिस ने कावी नदी के किनारे घेर लिया था। इस दौरान दोनों ओर से जबरदस्त गोलीबारी हुई जिसमे मोती सिंह का भाई एलकार घायल हो गया, उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद इस केस में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

इसे भी पढ़ें:-हिस्ट्रीशीटर के घर पर चला बुलडोजर, चंद मिनटों में धराशायी हुआ करोड़ों का मकान