Saturday, October 16, 2021

योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन मॉडल की IIT Kanpur ने की तारीफ, जारी की स्टडी रिपोर्ट

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कानपुर। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई हुई है। भारत में संक्रमण की दो लहरें देखने को मिली हैं, जिसकी वजह से लाखों लोगों की जान गई है। इस दौरान लोगों को अस्पतालों में बेड, दवा और ऑक्सीजन जैसी बुनियादी चीजों के लिए संक्रमितों को परेशान होना पड़ा था। उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य है लेकिन उसके बाद भी कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक राज्य में हालात काबू में हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ नेतृत्व में कोरोना संक्रमण के खिलाफ जो मॉडल राज्य में अपनाया गया वो बेहद प्रभावशाली दिख रहा है।

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आईआईटी कानपुर की टीम ने योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन पर शोध पत्र जारी किया है, जिसमे राज्य सरकार के प्रबंधन की जमकर तारीफ की गई है। आईआईटी कानपुर की ओर से इस संबंध में डीटेल स्टडी रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। प्रो. मनिंद्र अग्रवाल और उनकी टीम ने इस रिपोर्ट में मॉडल को लेकर विस्तार से बताया है।

प्रवासी मजदूरों को लेकर उठाए सरकार ने सही कदम
प्रोफेसर ने बताया कि यूपी मॉडल के चार बड़े उद्देश्य थे। इसमें से पहला, सभी नागरिकों की विशेष देखभाल की जाए। प्रवासी मजदूरों पर इसका कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। दूसरा उद्देश्य, कोरोना महामारी का मुकाबला करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को बनाए रखना। जबकि तीसरा उद्देश्य, मास स्प्रेड से बचते हुए सारे एहतियात बरतें और अपने साथ साथ दूसरों की भी जान बचाएं। वहीं चौथा उद्देश्य, महामारी के बढ़ते भार से लड़ने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाएं।

योगी सरकार द्वारा प्रवासी और सीमांत आबादी मजदूरों के लिए नौकरी, परिवहन और आजीविका के लिए जरुरी कदम उठाए। कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए भी जांचे कम नहीं की गईं। संक्रमण की नई लहर का पता लगाने के लिए 70 हजार निगरानी समितियां एक्टिव कर दी गईं। वहीं 238 पीएसए प्लांट के चालू होने की वजह से 87,174 ऑक्सीजन बेड हो गए हैं। सभी 549 पीएसए प्लांट के चलते डेढ़ लीटर से ज्यादा ऑक्सीजन बेड हो जाएंगे। जो देश के अन्य किसी भी राज्य में सबसे ज्यादा हैं।

11 करोड़ डोज वैक्सीन की लगीं
प्रदेश में अब तक वैक्सीन के 11 करोड़ से ज्यादा डोज लग चुके हैं। सूबे की 40.3 प्रतिशत आबादी को पहली डोज और 11 प्रतिशत आबादी का वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं।

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