ओवैसी और शिवपाल की गुफ्तगू से गरमाई यूपी की सियासत, प्रसपा-एआईएमआईएम साथ लड़ सकते हैं विस चुनाव!

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नई दिल्ली। वैसे तो उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष यानी की 2022 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने यहां अभी से ही सियासी माहौल बनाना शुरू कर दिया है। यूपी की सत्ता हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने सियासी समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं।

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इसी कड़ी में जब शनिवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक शादी समारोह में शिरकत की और आधे घंटे तक गुफ्तगू की तो यूपी की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अब कयास लगाया जा रहा जा है कि शिवपाल सिंह की पार्टी प्रसपा अगले साल ( 2022) होने वाल विस चुनाव एआईएमआईएम साथ मिल कर लड़ सकती है।

आधे घंटे तक चली मीटिंग

शनिवार को उत्तर प्रदेश के फूलपुर तहसील के माहुल में में आयोजित एक वैवाहिक समारोह शामिल होने पहुंचे शिवपाल सिंह और ओवैसी ने अलग से आधे घने की मीटिंग की। इसके साथ ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ लड़ने के संकेत दिए हैं।

दरअसल शनिवार को एआईएमएआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की पुत्री का निकाह था फूलपुर के माहुल में रफी मेमोरियल स्कूल कैंपस था, जिसमें शिवपाल सिंह और ओवैसी दोनों ने शिरकत की और शौकत की बेटी व दामाद को आशीर्वाद दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने टेंट के बने एक अलग कमरे में करीब आधा घंटा तक मीटिंग की।

उत्तर प्रदेश पर है ओवैसी की नजर

इस दौरान शिवपाल सिंह और ओवैसी के सिवा उनके साथ शौकत अली व प्रसपा के महासचिव रामदर्शन यादव भी थे। हालांकि, अंदर क्या सियासी खिचड़ी पकी अब तक इसका कुछ औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, मगर इशारा है कि दोनों साथ में चुनाव लड़ सकते हैं। गौरतलब है कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में मिली एआईएमआईएम की जीत से ओवैसी गदगद हैं और अब उनकी नजर उत्तर प्रदेश पर है।

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