देश में पहली बार इस महिला को मिलेगी फांसी की सजा, जेल प्रशासन ने तेज की तैयारियां, जानें क्या है आरोप

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मथुरा। भारत को आजादी मिलने के बाद अब ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब किसी महिला को फांसी की सजा मुकर्रर की गयी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मथुरा जेल में तैयारियां तेज हो चुकी हैं। वहीं जल्लाद पवन भी फांसी घर का दो बार निरीक्षण कर चुके हैं और कमियों को दुरुस्त करा चुके हैं।

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गौरतलब है कि अमरोहा में साल 2008 में प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही परिवार के साथ सदस्यों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाली शबनम को मौत की सजा सुनाई गयी है। इस मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में उसे फांसी की सजा सुनाई है। इसके बाद उसने राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी, जो अब ख़ारिज हो चुकी है। इसके बाद अब मथुरा जेल प्रशासन ने शबनम की फांसी की तैयारियां तेज कर दी है। वहीं निर्भया कांड के आरोपियों के फांसी देने वाले पवन जल्लाद ने भी दो बार फांसी घर का जायजा लिया और उन्हे तख्ते के लीवर में जो कमी दिखी उसे जेल प्रशासन ने ठीक करवा दिया है।

बिहार के बक्सर से मंगाई गयी रस्सी

वहीं शबनम को फांसी देने के लिए रस्सी भी बिहार के बक्सर से मंगवाई गयी है, ताकि कोई अड़चन आ जाये। बता दें कि मथुरा में महिलाओं के लिए यह फांसी घर करीब डेढ़ सौ साल पहले बनवाया गया था,लेकिन अब तक इसमें किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गयी। ऐसे में कहा जा सकता है कि देश की आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा जब किसी महिला को फांसी दी जाएगी। इस बारे में मथुरा जेल अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय का कहना है कि अभी फांसी की तारीख तय नहीं हुई, लेकिन जेल प्रशासन ने फांसी की तैयारी शुरू कर दी है।उनका कहना है जैसे ही डेथ वारंट आएगा शबनम को तुरंत फांसी दे दी जाएगी।

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