सीएम योगी के गढ़ में कर्मचारी मीटिंग और दफ्तर जाने से भाग रहे हैं दूर, जाने क्या है वजह

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गोरखपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से पूरे देश में भयवाह की स्थिति बना हुई है। हर कोई खौफ में जी रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दफ्तरों में काम करने को मजबूर कर्मचारियों और अफसरों का हौसला अब डगमगाने लगा है। कर्मचारी जहां दफ्तर आने से कतरा रहे हैं, वहीं अफसर मीटिंग में जाने से दूर भागने लगे है। कई दफ्तरों में तो कर्मचारी दस्तखत बनाकर कैंपस के बाहर निकल जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई अफसरों का कहना है कि मीटिंग या तो ऑनलाइन हो या बड़ी और खुली जगह पर।

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ज्यादातर दफ्तरों के मीटिंग हॉल छोटे हैं। सेंट्रल एसी है, ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा है। दफ्तर के कर्मचारी संक्रमित पाए जाने पर जीडीए, विकास भवन, रजिस्ट्री विभाग के कई अफसर एहतियातन डाक या कोई भी शिकायती पत्र अपनी मेज से दूर केबिन के एक कोने में रखवा रहे हैं। 24 घंटे बीतने पर उसे हाथ लगा रहे हैं।

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सरकारी दफ्तरों में संक्रमण के पैर पसारने की वजह से अब तक कलेक्ट्रेट और गीडा दो बार तो सदर तहसील तीन बार दो-दो दिन के लिए सील हो चुका है। कमिश्नरी, जीडीए और विकास भवन के सभी दफ्तर भी एक-एक बार सील हो चुके हैं। मंगलवार को कमिश्नर के पीए की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद कर्मचारी और भयभीत हो गए हैं।

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