डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत, पैसों के लिए मां को बनाया बंधक

55

मेरठ। अधिक धन लाभ कमाने के लालसा में धरती के भगवान इतने निष्ठुर हो गए है मानवता शर्मसार हो जा रही है। ऐसी ही एक शर्मसार करने वाली घटना मेरठ से सामने आ रही है। यहां के गौहर हॉस्पिटल प्रशासन ने डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत के बाद पैसों के लिए मां को बंधक बना लिया। बच्चे के शव को उसकी नानी को सुपुर्द कर 20 हजार जमा कराने के बाद मां को डिस्चार्ज करने की शर्त रख दी। नानी बच्चे की लाश को लेकर पैसे के लिए चक्कर लगाने लगी। इसकी जानकारी जब स्वास्थ्य महकमे को हुई तो विभाग के दो अफसरों ने बिल माफ कराकर महिला को मुक्त कराया। वहीं पूरे मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है।

इसे भी पढ़ें: जमानत अर्जी में रिया ने कहा, झूठे केस में फंसाया गया, विशेष अदालत आज सुनाएगी जमानत पर फैसला

गौरतलब है कि हापुड़ चुंगी के निकट गौहर अस्पताल स्थित है। खरखौदा क्षेत्र में गांव पीपलीखेड़ा के रहने वाले मुबारिक ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी गुलशन को आठ सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल पर आरोप लगाया जा रहा है कि डॉक्टर की जगह स्टाफ नर्स से डिलीवरी कराई गई, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से लापरवाही का आरोप लगाया। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने गुलशन को डिस्चार्ज करने की बात की तो अस्पताल ने 20 हजार रुपए बकाया बिल जमा कराने की शर्त रख दी। परिजनों के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने साफ कह दिया कि 20 हजार रुपए न देने तक गुलशन उनके यहां बंधक रहेगी। गुलशन की मां मृत बच्चे को गोद में लेकर भटकते हुए कमिश्नरी चौराहा पहुंच गई। वहां वह बच्चे को गोद में लेकर बुरी तरह से रो रही थी।

लोगों ने जब रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि बच्चा मर चुका है और अस्पताल वाले पैसों के लिए उसकी बेटी को बंधक बना लिया है। तो सुनकर लोग अवाक रह गए। इस मामले में सीएमओ मेरठ डॉ. राजकुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में इलाज का कोई रेट तय नहीं है। जिला अस्पताल में डिलीवरी मुफ्त कराई जाती है। मामला सामने आने के बाद महिला को डिस्चार्ज करा दिया गया है और अस्पताल को नोटिस भेज दिया गया है। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के बाद यह मामला मेरठ के सीएमओ डॉ. राजकुमार के संज्ञान में आया। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. जीके मिश्रा और डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक निगम गौहर अस्पताल पहुंचे तथा इलाज का बिल माफ कराते हुए महिला को डिस्चार्ज कराया।

इसे भी पढ़ें: महालक्ष्मी व्रत नहीं रखा तो घबराएं नहीं, कर लें 1 आसान उपाय, बरसने लगेगा धन