लॉकडाउन में निकले डीएम को सिपाही ने पकड़ा और जमकर ली क्लास

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dm anjany kumar

रामपुर: जिलाधिकारी अपने अपने जिले के सर्वेसर्वा होते हैं। जिले का पुलिस कप्तान भी जिलाधिकारी को सैल्यूट मारता है, लेकिन उसी पुलिस महकमे के एक सिपाही ने ‘डीएम’ को हड़का दिया और आगे जाने से मना कर दिया। असल में, लॉकडाउन में आधी रात को मोटरसाइकिल पर शहर में घूमते मिले डीएम की सिपाही ने ‘क्लास’ लगा दी। सिपाही ने जिलाधिकारी को लॉकडाउन की अहमियत भी समझाई। यह भी कहा कि आधी रात लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही और क्या-क्या सजा हो सकती है? सिपाही के हड़काने के बाद भी जिलाधिकारी ने अपनी पहचान नहीं जाहिर की। जैसा सिपाही ने समझाया उसके अनुसार डीएम साहब ने अपनी मोटर साइकिल वापस की और मौके से चुपचाप चले गए। यह बात है शुक्रवार को आधी रात के समय की है। सिपाही से लॉकडाउन का सबक लेने वाले खुद थे रामपुर जिले के डीएम आंजनेय कुमार सिंह।

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वही निडर जिलाधिकारी रामपुर, जिन्होंने कुछ महीने पहले ही यूपी के पूर्व दबंग मंत्री आजम खान को जेल में डाल दिया। सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने जिले की तमाम खुफिया सूचनाएं इकट्ठी करने के लिए अपने कुछ विश्वासपात्रों की टीम भी बना रखी है जिससे उन्हें जिले की तमाम महत्वपूर्ण सूचनाएं पाने के लिए केवल और केवल पुलिस पर निर्भर न रहना पड़े। यही कारण था कि, रात में लॉकडाउन की हकीकत जांचने के लिए तेजतर्रार इस आईएएस ने किसी और को भेजने के बजाय खुद ही निकलने की सोची।

 

लॉकडाउन का सच परखने के लिए परिवार वालों को बताकर डीएम आधी रात के समय अपने एक कर्मचारी की मोटर साइकिल लेकर खुद ही डीएम आवास से निकल पड़े। नाइट पेट्रोलिंग में कोई पुलिसकर्मी पहचाने न साथ ही कानून का भी उल्लघंन भी न हो, इसके लिए उन्होंने बाकायदा हेलमेट भी लगा रखा था। परिजनों के अलावा किसी कर्मचारी को भी नहीं बताया कि वो कहां जा रहे हैं।

यहां तक कि बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी उनके गेट के बाहर निकलते समय नहीं पहचान पाए कि मोटर साइकिल पर डीएम साहब ही निकले हैं या कोई और। मोटर साइकिल पर सवार होकर डीएम रामपुर शहर के ज्वाला नगर, अजितपुर, कोसी नदी पुल, मिस्टन गंज, शाहबाद गेट आदि इलाके घूमते रहे। अपने ही शहर में आधी रात के समय लॉकडाउन में जिलाधिकारी मोटर साइकिल से दो घंटे तक घूमते रहे।

डीएम को महज दो चेकिंग प्वाइंट पर ही रोका गया। शहर में रात के समय किस तरह खुलेआम लॉकडाउन की कुछ जगहों पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, यह आंख से देखने और जानने के बाद भी जिलाधिकारी ने रात में किसी को नहीं टोका न ही रोका। केवल प्वाइंट्स के नाम दिमाग में फीड कर लिए। फोन पर विशेष बातचीत के दौरान रामपुर के डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह ने एक सवाल के जवाब में बताया, ‘असल में जहां नाइट पेट्रोलिंग में वीक प्वाइंट्स मिले, उन प्वाइंट्स पर मौजूद कर्मचारियों या सेक्टर मजिस्ट्रेट्स को मैंने जानबूझकर उस समय नहीं पकड़ा। यदि किसी को टोकता तो मेरे रात में मोटर साइकिल से शहर में घूमने का मकसद ही खत्म हो जाता। हां, सुबह मैंने उन प्वांइट्स के स्टाफ को बुलाकर आगे से अलर्ट रहने की चेतावनी जरूर दी।’

आधी रात को मोटर साइकिल पर लॉकडाउन में घूम रहे जिलाधिकारी को सिपाही द्वारा हड़काया या पकड़ा जाना आपको नागवार नहीं गुजरा? यह पूछे जाने पर डीएम सिंह ने बताया, ‘नहीं बिलकुल नहीं। असली और सच्चा तो सही मायने में वो सिपाही ही सरकारी मुलाजिम निकला। जिसने एलआईसी चौराहे पर मुझे रोका। उसने मुझे लॉकडाउन की अहमियत भी समझाई। साथ ही लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के लिए भी कहा।’

रामपुर के डीएम ने बताया, ‘सुबह मैंने सबसे पहले उसी मोहित सिपाही को कलेक्ट्रेट में बुलवाया जिसने मुझे रात में समझाया था कि लॉकडाउन की हमारे लिए क्या अहमियत है। मैंने उसे शाबाशी दी और प्रमाण पत्र भी दिया जिससे जिले में तैनात अन्य सरकारी कर्मचारियों में भी ईमानदारी और मेहनत से काम करने का जज्बा पैदा हो सके।’

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