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Friday, September 17, 2021

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज, जानें पूरा मामला

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अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राममंदिर निर्माण के विस्तार के लिए खरीदी गई जमीन को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ है। वो थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 1949 में रामलला की मूर्ति श्री राम जन्मभूमि परिसर में बैठाने के आरोपी रहे स्वर्गीय अभिराम दास के शिष्य और राम मंदिर मामले में हिंदू पक्षकार रहे धर्मदास ने चार जमीनों की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विक्रेता, क्रेता और गवाहों के नाम पर ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना राम जन्मभूमि में तहरीर दे दी है।

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धर्मदास ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित समर्पण निधि का ट्रस्ट द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके आलावा नजूल की जमीन भी खरीदी और बेचीं जा रही है। जबकि इसका अधिकार तो सिर्फ सरकार के पास ही हो रहा है। इस संबंध में नजूल की जमीन रजिस्‍ट्रार के खिलाफ भी तहरीर दी गई है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री और ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा के आलावा धर्मदास ने ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी और सदस्यों के साथ जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में बनने वाले गवाहों का भी नाम शामिल है। इसमें अयोध्या के कई वरिष्ठ संतों का भी नाम है। तहरीर में गोसाईगंज के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी का नाम भी शामिल है।

ये है पूरा मामला
राम मंदिर निर्माण वास्तु दोष आ रहा थाम जिसे खत्म करने के लिए मंदिर के परकोटे को सीधा किया जाना है। इसके लिए कई गृहस्थ आश्रम, मठ, मंदिर और मकान और मंदिर खरीदे गए जो परकोटे की जद में आ रहे थे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा उनको पुनर्स्थापित करने के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में जमीन खरीदकर दी जा रही है। इसे जमीन में हुई खरीद-फरोख्त को लेकर ही कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप पिछले कई दिनों से ट्रस्ट पर लगाए जा रहे हैं।

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