Saturday, October 16, 2021

लखीमपुर खीरी हिंसा : कांग्रेस ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें, सपा सहित सभी विपक्षी दल छूटे पीछे

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लखनऊ। लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) के बाद कांग्रेस ने आक्रामक रुख दिखाते हुए तुरंत पीड़ितों से मिलने लिए नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे कराए। इससे उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें और दबाव दोनों ही बढ़ा। योगी सरकार बनने के बाद सरकार पर अगर किसी दल ने प्रदेश में दबाव बनाया है तो वो कांग्रेस पार्टी है, जिससे हर बार सरकार को घेरने की कोशिश की है। प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) सोनभद्र के उंभा नरसंहार के बाद काफी सक्रिय हुई थीं। इसके बाद हाथरस कांड में भी कांग्रेस ने सरकार पर दबाव बनाया था। वहीं लखीमपुर घटना के बाद सबसे प्रियंका ने ही पीड़ितों से मिलने कोशिश की और पुलिस को चकमा देते हुए वो लखीमपुर भी पहुंच गई थीं लेकिन उन्हें जिले में हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उन्हें सीतापुर में रखा गया।

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आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रियंका, राहुल सहित कांग्रेस नेताओं ने यूपी में अन्य विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है। योगी सरकार पर जब दबाव बढ़ा तो मंत्री के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दिल्ली से लखीमपुर के उड़ान भरी तो उनके लखनऊ पहुंचने से पहले विपक्षी दल के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाकर पीड़ितों से मिलने की अनुमति मिल गई।

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर निकलने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। राहुल गांधी ने बुधवार को लखीमपुर दौरे से पहले दिल्ली में प्रेस कांग्रेस की, जिसके बाद वो लखनऊ के लिए निकले। इसके बाद प्रदेश सरकार बैकफुट में आ गई। विपक्ष के नेताओं का दबाव ही बड़ी वजह है, जो आशीष मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

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