सीएम योगी को भारी पड़ सकती है अपनों की नाराजगी, अब इस विधायक ने जताया असंतोष

264

लखनऊ। सत्ता हनक से चलती चलती है और योगी सरकार में वह हनक दिख भी रही है। लेकिन इसका असर देखा जाए तो प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी छूट देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें और भी निरंकुश बना दिया है। इसका खामियाजा न सिर्फ आम आदमी भुगत रहा है बल्कि पार्टी के सांसदों व विधायकों की भी कहीं सुनवाई नहीं हो पा रही है। पार्टी के अंदर इसका विरोध भी हो रहा है, लेकिन योगी सरकार पर पार्टी नेताओं की उपेक्षा पर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि रह—रह कर भाजपा विधायकों का उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मुखर होकर विरोध कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: कोरोना से निपटने के लिए सीएम योगी का एक और बड़ा कदम, कोविड अस्पताल का किया उद्घाटन

प्रदेश के कई हिस्सों से योगी सरकार के भ्रष्ट अफसरशाही के खिलाफ विधायकों ने आवाज उठाई। लेकिन सरकार की चुप्पी विधायकों के मनोबल को तोड़ रही है। वहीं भदोही से भाजपा के बाहुबली विधायक विजय मिश्र भी योगी सरकार की नीतियों को लेकर आवाज बुलंद की है। भाजपा विधायक विजय मिश्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह योगी सरकार की नीतियों को लेकर तीखा हमला बोलते हुए अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वीडियो में वह अपने साथ धोखा होने की बात कहते हुए कह रहे हैं कि विनीत सिंह जैसे माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।

वह कह रहे हैं कि मैं अपनी बात विधानसभा में उठाऊंगा चा​हे इसके लिए उन्हें जेल क्यों न जाना पड़े। वह कहते देखे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वह दो मिनट का समय लेकर अपनी बात रखेंगे और उन्हें ज्यादा प्रताड़ित किया गया तो वह आत्महत्या भी कर लेंगे। उन्होंने अपने खिलाफ साजिश का भी आरोप लगाया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश में ब्राह्मणों का उत्पीड़न काफी बढ़ गया है। इसको लेकर जहां ब्राह्मणों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां कांग्रेस व सपा ब्राह्मणों को रिझाने में लगी हुई है।

गौरतलब है कि भाजपा विधायकों की योगी सरकार से नाराजगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी 17 दिसंबर, 2019 को पार्टी के करीब दौ सौ विधायक प्रशासनिक स्तर पर अपनी बात न सुने जाने को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ लखनऊ विधानसभा के समक्ष धरने पर बैठ गए थे। सत्ता के नशे में चूर योगी सरकार अपने जिन विधायकों की बातों को अनसुना कर रही है। उसका कीमत पार्टी विधायकों को चुनाव के दौरान चुकानी पड़ेगी। क्योंकि प्रशासनिक उपेक्षा से हर कोई परेशान है। जनता को भी यह लगने लगा है कि उनका चुना हुआ प्रतिनिधि उनकी मदद करने में सक्षम नहीं है।

इसे भी पढ़ें: हत्या के आरोप में जेल में हैं परिजन, प्रेमी के घर जिंदा मिली लड़की, पुलिस पर उठ रहे सवाल