ग्राम प्रधान बनकर इस सख्श ने रचा इतिहास, मुलायम सिंह का रहा पूरा समर्थन

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Mulayam

2 मई 2021 को यूपी पंचायत चुनाव का फैसला आ गया है इसमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह (Former Chief Minister Mulayam Singh) यादव के गांव सैफई में एक नया इतिहास रचा है बताया जा रहा है यहां 50 साल बाद पहली बार वोट पड़े हैं हुए पंचायत चुनाव में मुलायम सिंह परिवार के समर्थित उम्मीदवार रामफल वाल्मीकि ने जीत हासिल की उनकी जीत का फासला काफी बड़ा रहा ताज्जुब की बात यह है कि उन्होंने कुल 3877 वोट मिले और उनकी प्रतिद्वंदी विनीता को सिर्फ 15 वोट मिले इतनी ज्यादा वोटों से जीत कर रामफल वाल्मीकि ने इतिहास रचते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।

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पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की वजह से सैफई गांव हमेशा चर्चा में रहता है ऐसा कहा जा रहा है कि 50 सालों में वहां पहली बार 2021 में मतदान हुए हैं इससे पहले यहां के प्रधान पद पर निर्विरोध निर्वाचन ही होता था 1971 में मुलायम सिंह के मित्र दर्शन सिंह यादव लगातार सैफई गांव प्रधान निर्वाचित होते थे बीते साल 17 अक्टूबर को उनके निधन के बाद से यह सीट खाली रही वहां का कोई ग्राम प्रधान नहीं था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया।

सैफई गांव से खड़े रामफल वाल्मीकि का समर्थन मुलायम सिंह सहित उनके पूरे परिवार ने किया। राम फल को एकतरफा वोट मिले। ऐसा पहली बार हुआ है, जब इस गांव का प्रधान कोई दलित बना है।

अखिलेश के चचेरे भाई ने जिला पंचायत सीट पर बनाई बढ़त

एक तरफ जहां सफाई में नया इतिहास रचा है तो दूसरी तरफ मुलायम सिंह यादव के भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। जिला पंचायत सीट परवाह 3780 मतों से आगे है। खबर के अनुसार दसवें राउंड की मतगणना में अभिषेक को 4125 मत मिले थे जबकि उनके प्रतिद्वंदी भाजपा के राहुल यादव को 345 मत। अभिषेक यादव सैफई द्वितीय से उम्मीदवार हैं। यह निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष भी हैं।

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