Home UP जिस विवाद ने ली 25 साल के मनीष की जान, अब उसी...

जिस विवाद ने ली 25 साल के मनीष की जान, अब उसी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन

बस्ती के इटिया टोला हत्याकांड में पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। लालगंज थानेदार लाइन हाजिर, गांव में पुलिस तैनात और फरार आरोपियों की तलाश जारी है

Basti News

Basti News: बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के महसों बाजार स्थित इटिया टोला में रविवार रात हुई मनीष पांडेय (25) की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों में से एक और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इससे पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। वहीं घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर लालगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विनय पाठक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और आने-जाने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

गाली देने के विरोध पर चारपाई की पटिया से हमला करने का आरोप

बताया गया कि रविवार को शरद चंद्र पांडेय उर्फ पपलू और श्याम पांडेय के परिवार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। रात करीब 10:30 बजे सिंचाई का काम पूरा कर घर लौट रहे मनीष पांडेय को श्याम पांडेय उर्फ छोटू ने कथित तौर पर गाली दी। मनीष ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान चारपाई की पटिया से हमला कर मनीष को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उसकी मौत के बाद भाई सुनील पांडेय की तहरीर पर अमरीश पांडेय, श्याम पांडेय उर्फ छोटू, अजंनी पांडेय, रोशन पांडेय, आशा देवी और अभिषेक गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अमरीश, आशा देवी और अभिषेक को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। अब एक और आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने रोशन के घर के बाहर खड़ी कार को भी कब्जे में लिया है।

पिता का आरोप- पहले कार्रवाई होती तो टल सकती थी हत्या

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। दूसरी ओर, मनीष की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा है। मां रंभा देवी बेटे की मौत से बार-बार बेहोश हो रही हैं। पिता विश्वनाथ ने आरोप लगाया कि श्याम और उसके परिवार के लोग पहले भी पड़ोसियों के साथ गाली-गलौज करते थे। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते उनकी शिकायतों और गतिविधियों पर सख्ती दिखाई होती तो शायद यह घटना नहीं होती। मनीष तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। घटना के बाद से रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

Read More-किसानों को सरकार दे रही है लाखों की मदद! खेती से जुड़े इन 5 कामों के लिए मिल सकता है पैसा

 

Exit mobile version