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4 साल बाद यूपी में स्थायी DGP की नियुक्ति, राजीव कृष्ण बने नए पुलिस प्रमुख

उत्तर प्रदेश को मिला नया स्थायी DGP। IPS राजीव कृष्ण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दी। जानें उनका पूरा प्रोफाइल और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

राजीव कृष्ण
उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया पूर्णकालिक DGP नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के बाद उनके नाम को अंतिम मंजूरी दी। इस फैसले के साथ राज्य में पिछले चार वर्षों से चल रहा कार्यवाहक DGP का दौर खत्म हो गया है।

कौन हैं IPS राजीव कृष्ण, जानें पूरा प्रोफाइल

राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है। इसके बाद वे 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। सेवा में आने के बाद उन्होंने विभिन्न पदों पर काम करते हुए लगातार प्रमोशन हासिल किए। वे पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और अपर पुलिस महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित DGP मुख्यालय और DG सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

लंबा प्रशासनिक अनुभव और कई अहम जिम्मेदारियां

राजीव कृष्ण का पुलिस सेवा में लगभग तीन दशकों का लंबा अनुभव रहा है। उन्हें उनकी कार्यकुशलता और अनुशासनप्रिय छवि के लिए जाना जाता है। वे 2024 में पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत हुए थे और इसके बाद उन्होंने कार्यवाहक DGP के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और भ्रष्टाचार नियंत्रण से जुड़े कई अहम कामों पर फोकस किया गया। उन्हें कई बार पुलिस मेडल, राष्ट्रपति पुलिस मेडल और DG कमेंडेशन डिस्क जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

कैसे हुआ चयन और किन नामों की थी चर्चा

स्थायी DGP के चयन के लिए यूपीएससी द्वारा एक पैनल तैयार किया गया था, जिसमें सीनियरिटी और सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर तीन नाम शामिल किए गए थे। इस रेस में राजीव कृष्ण के अलावा कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे, जिनमें 1990 और 1991 बैच के अधिकारी चर्चा में रहे। चयन प्रक्रिया के बाद राज्य सरकार ने राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब उन्हें न्यूनतम दो साल का कार्यकाल मिलेगा, जिससे पुलिस प्रशासन में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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