उत्तर प्रदेश के देवरिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का आरोपी दीपक तिवारी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना लार थाना क्षेत्र के सुतावर मोड़ के पास हुई। यहां चेकिंग के दौरान आरोपी भागने लगा और उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दीपक के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लार ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया।
आरोपी के पास से तमंचा और कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है। रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस केस में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई थीं। फिलहाल घायल दीपक तिवारी का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आ सकती है।
पुराने विवाद में गई थी रामेश्वर तिवारी की जान
यह मामला देवरिया के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव का है। यहां रहने वाले करीब 50 वर्षीय रामेश्वर तिवारी पर 1 अक्टूबर को कथित तौर पर लाठी-डंडों और लोहे के औजारों से हमला किया गया था। शिकायत के अनुसार, विवाद पुरानी रंजिश और संपत्ति से जुड़े मामले को लेकर हुआ था। सड़क पर बने ब्रेकर को लेकर विवाद होने की बात भी सामने आई है। घायल रामेश्वर को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर देवरिया के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी अमृता देवी की शिकायत पर कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई, जांच जारी
रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। गोरखपुर रेंज के डीआईजी एस. चन्नप्पा ने घटना के सिलसिले में थाना प्रभारी राकेश सिंह, उपनिरीक्षक राममूरत राम और दो कांस्टेबल चंद्रभान भारती व प्रीतम यादव को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं। एफआईआर में संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी समेत कई लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब हत्या के मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
