मानवता की मिसाल, पुलिसकर्मी ने बचाई बंदर की जान, तो यहां पार की क्रूरता हदें

49

इंसानियत, मानवता, सभ्यता, संस्कार आदि इत्यादि शब्द इंसानों के लिए बने हैं। क्योंकि इसकी उम्मीद इंसानों से ही की जा सकती है। लेकिन पद और प्रभाव के चलते गुरूर में अंधे हो चुके लोगों से बार-बार यह कहना पड़ता है कि थोड़ी इंसानियत का ख्याल रखो। खासकर डाक्टर और पुलिसकर्मियों से बार-बार इंसानियत की गुहार लगानी पड़ती है क्योंकि इनके इंसानियत दिखाने से किसी का भला हो सकता है। दुर्भाग्य है कि अधिक धन अर्जित करने की पिपासा के चलते इंसानियत ऐसे जिम्मेदार लोगों में इंसानियत बहुत ही कम देखने को मिलती है। फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस का एक मानवीय चेहरा देखने को मिला है, जिसे देखकर इंसानियत रखने वालों को काफी सकून मिल रहा है। एक बंदर को करंट लग गया था जिसकी जानकारी होने पर पुलिसकर्मी ने उस बेजुबान की जान बचाई।

इसे भी पढ़ें: 9 करोड़ किसानों के खातों में पीएम मोदी ने ट्रांसफर 18 हजार करोड़ रुपए, विपक्ष की खोली पोल

फिरोजाबाद पुलिस ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। ट्वीट में लिखा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस का संवेदनशील एवं मानवीय चेहरा। फिरोजाबाद के थाना उत्तर के कैला देवी पुलिस चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक प्रमोद कुमार द्वारा 11000 केवी बिजली का करंट लगने से गिरे एक बंदर की जान बचाने हेतु फस्ट एड दिया गया। करीब 30 मिनट के प्रयास के बाद बंदर ठीक हो गया है। उप निरीक्षक प्रमोद कुमार के इस काम की तारीफ करना तो बनता ही है। जहां लोग इंसानों का दर्द नहीं समझ रहे हैं वहां बेजुबानों का दर्द समझना एक अच्छे इंसान का परिचायक है।

प्रमोद कुमार ने बता दिया कि पुलिस सबकी सुरक्षा को लेकर सदैव तत्पर है। बदलते समय में पुलिस की कार्यप्रणाली में काफी सुधार आया है। सोशल मीडिया में एक तरफ जहां पीड़ित पक्ष पुलिस का संवेदनहीन चेहरा दिखाता रहता है, वहीं पुलिस की तरफ से मित्र पुलिस की तस्वीरें साझा की जाती रहती हैं। इन सबके बीच तकनीकी युक्त डायल 112 ने लोगों को काफी राहत दी है। लेकिन थानों की पुलिस की कार्यप्रणाली आज भी सवालों के घेरे में हैं।

इसी तरह एटा और प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस का जो वीभत्स रूप सामने आया है, वह ब्रिटिश शासन की क्रूरता की याद ताजा करने के लिए काफी है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि एटा पुलिस किस तरह घर का दरवाजा तोड़कर बुजुर्ग अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा को पीटते और घसीटते हुए ले जा रही है। वहीं पट्टी पुलिस जमीन कब्जा करने की शिकायत लेकर थाने आए फरियादी की किस तरह पिटाई कर रही है।

यूपी पुलिस की इस क्रूर चेहरे को देखकर इंसानियत भी शर्मा जाती है। ऐसे पुलिस वालों से सुरक्षा की उम्मीद करना भी बेमानी होगी। लेकिन सवाल यह है कि फरियादी अपनी शिकायत लेकर जाएं तो कहा जाएं जब अधिकत्तर वर्दीधारी हैवान बने बैठे हैं।

इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार को लगा बड़ा झटका, JDU छोड़ 6 विधायक BJP में हुए शामिल