Team India के इन खिलाड़ियों का करियर चढ़ा राजनीति की भेंट

टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है, वह भी बहुत कठिन परिश्रम के बाद लेकिन कुछ मैच खेलने के बाद यह खिलाड़ी अपना स्थान गंवा बैठे।

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The career of these players of Team India got lost in politics

हर बच्चा ये चाहता है कि वह भारतीय टीम (Team India) में खेल पाए। कई युवा क्रिकेटर ऐसे भी हैं, जो शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम में शामिल होने के लिए तैयार हैं। बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है, वह भी बहुत कठिन परिश्रम के बाद लेकिन कुछ मैच खेलने के बाद यह खिलाड़ी अपना स्थान गंवा बैठे। आज हम आपको ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने भारतीय टीम के लिए केवल चार पांच टेस्ट मैच खेले और गायब हो गए।

करुण नायर

इस लिस्ट में सबसे पहले करुण नायर का नाम आता है, जिन्होंने भारत की ओर से खेलते हुए साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 303 रन बनाए। आखिरी बार भारत के लिए वह साल 2017 में खेलते हुए नजर आए थे, लेकिन इसकेKarun Nair बाद चयनकर्ताओं ने इस खिलाड़ी पर ध्यान नहीं दिया और अब वह कहीं गुम हो चुके हैं । भारत के लिए उन्होंने कुल 6 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 374 रन बनाए।

प्रज्ञान ओझा

प्रज्ञान ओझा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्हें राजनीति का शिकार होना पड़ गया और उनको भारतीय टीम के दूध में पड़ी मक्खी के तरीके निकाला गया। भारत के लिए उन्होंने 24 टेस्ट मैच खेले और जिसमें उन्होंने 113 विकेटPragyan Ojha अपने नाम किए, लेकिन 2013 के बाद वह भारत के लिए नहीं खेले। कहा जाता है कि रविंद्र जडेजा को एमएस धोनी ने उनकी जगह पर मौका देने के बारे में सोचा और यही कारण है कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। 21 फरवरी 2020 को ओझा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ

तीसरा नंबर पर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का नाम आता है। उन्होंने भारत के लिए केवल दो टेस्ट मैच खेलने का अवसर मिला । दो टेस्ट मैचों में उनके बल्ले से एक अर्धशतक निकला। साथ-साथ वनडे मैचों में भी वह भारत के लिए खेले तमिलनाडुSubramaniam Badrinath टीम की तरफ से घरेलू क्रिकेट में सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का क्रिकेट में कुछ खास नहीं रहा। इनको अधिक मौके नहीं दिए गए।

अभिमन्यु मिथुन

चौथे नंबर पर अभिमन्यु मिथुन का नाम आता है, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में बढ़िया प्रदर्शन किया। जिसके बाद भारतीय टीम का टिकट उनको मिला। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने के करीब 2 महीने के भीतर ही उन्हें भारतीय टीम से बुलावाAbhimanyu Mithun आ गया। साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में मिथुन को भारत के लिए केवल चार टेस्ट ही खेलने का अवसर मिला, जहां उन्होंने कुल 120 रन बनाए और 4 विकेट भी लिए। लेकिन इसके बाद उन्हें कभी दोबारा भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला ।

जयदेव उनादकट

पांचवे नंबर जयदेव उनादकट का नाम आता है। भारत के लिए वह केवल एक ही टेस्ट मैच खेले। घरेलू क्रिकेट में उनकाjaydev प्रदर्शन शानदार रहा। इसके बाद भी चयनकर्ताओं ने उनको नजरअंदाज किया। उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट साथ वनडे और 10 t20 मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास खिलाड़ी में खिलाड़ी ने 334 विकेट हासिल किए।

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